भारतीय दर्शन दुनिया के समस्त विचारों का संरक्षण स्थल है : स्वामी प्रबुद्धानंदपुरी 

नारस। इंटरनेशनल वेंदान्त सोसाइटी के प्रतिष्ठाता श्री   भगवान के अनन्य भक्त व इंटरनेशनल वेंदान्त सोसाइटी के साधारण सचिव स्वामी प्रबुद्धानंदपुरी  अभी तक ब्राज़ील के अनेक प्रमुख शहरों में आध्यात्मिक भृमण पर थे।

ब्राजील के  अनेक स्थानों पर वेंदान्त पर व्याख्यान देकर लोगों को भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान – दर्शन एवं ब्रम्होपासना के बारे में अवगत कराने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे थे।
ब्राजील के कई शहरों में दिया व्यख्यान 
उन्होंने साओ-पाउलो शहर में भारतीय दूतावास के सांस्कृतिक संकुल-विवेकानन्द काउंसिल में उन्होंने एक बृहत अध्यात्म केंद्रित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि-वक्ता के रूप में हिस्सा लिया।उस कार्यक्रम के प्रभाववश लोगों के उत्साह और आग्रह को देखकर दूतावास की ओर से पुनः तीन दिवसीय स्वामी  के व्याख्यान हेतु एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिसमें स्वामी जीने श्रीमद्भगवतगीता एवं उपनिषदों पर आधारित वेंदान्त की व्याख्याय  प्रस्तुत कीं जाएंगी।
इसी भांति अनेक व्यख्यान देते हुए स्वामी जी ब्राज़ील में 12 सितम्बर तक रहे।जहां  ब्राज़ील के प्रमुख शहरों रियो डी जेनेरियो, सल्वाडोर, फोर्टलेजा, बेलो-होरिज़ोन्टे में आध्यात्मिक भ्रमण पर गए।
ब्राजील के अपने अंतिम वक्तव्य के दौरान स्वामी जी ने कहा कि भारतीय दर्शन-चिन्तन प्रत्येक दशा में समस्त विश्व को सही राह दिखाने एवं ले जाने की अद्भुत शक्ति से युक्त है। भारतीय दर्शन, दुनिया के समस्त विचारों का संरक्षण स्थल है। भारतीय चिंतन – दर्शन के बिना सम्पूर्ण विश्व अनाथ जैसा है।
ब्राज़ील के बाद स्वामी जी यूरोप के विभिन्न देशों में एक माह की आध्यात्म यात्रा के क्रम में वर्शीलोना पहुँचे हैं,जहां भारतीय समुदाय के साथ इंटरनेशनल वेंदान्त सोसाइटी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

इसके बाद इसी प्रकार अनेक व्याख्यान सम्पन्न करते हुए स्वामी जी यूरोप के अन्य दूसरे देशों (इटली,अर्जेंटीना,स्पेन,स्लामन्का,जर्मनी,फ्रांस एवं बेल्जियम)मेंजाएंगे।