नारस। नवीन भारत की संकल्पना में आर्थिक रूप से बंधनमुक्त महिलाये शामिल है, परम्परागत रूप से आधी आबादी को आर्थिक रूप से स्वावलम्बन व् सशक्त बनाने तथा काशी की पहचान विश्व पटल पर मजबूत करने में सुचना एवं संचार प्रौद्यौगिकी आधारित जरी जरदोजी केंद्र वरदान सिद्ध होगा।

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उक्त बाते विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी मंत्रालय की सहायता से साई इंस्टिट्यूट द्वारा लोहता स्थित सूचना एवं संचार प्रौद्यौगिकी आधारित जरी जरदोजी केंद्र के उद्धघाटन समारोह में  के दौरान मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन लखनऊ की चेयरमैन  शिप्रा शुक्ला ने कहा की काशी विश्व में कला का गुरु है।

बनारस की हस्तशिल्प की कलाकृतियां विश्व भर में है प्रसिद्ध
मुस्लिम महिलाओं की बनाई गयी हस्तशिल्प की कलाकृतियां विश्व भर में प्रसिद्ध है।  सरकार की मंशा अधिक से अधिक लोगो को रोजगार से जोड़ने की है।

तकनीक से निखरेगा कुशलता 
इसी क्रम में बनारसी कला को तकनीकी  के माध्यम से उन्नत करके बुनकर महिलाओं को तकनीक से जोड़कर उनके परम्परागत कुशलता को निखारकर उनके व्यावसायिक वृद्धि एवं उत्पाद गुणवत्ता में सुधार कर आजीविका वृद्धि के साथ बनारस के हुनर को ग्लोबल स्तर की पहचान देने के रूप में मुख्य अतिथि शिप्रा शुक्ला के कर कमलो द्वारा लांच किया गया। तकनीक से लैस मुस्लिम बेटियां केंद्र के सहयोग से विश्व स्तरीय उत्पाद तैयार करेंगी।


आधुनिक युग डिजिटल है 
वही कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रोहनिया विधायक सुरेंद्र नारायन सिंह ने कहा की आधुनिक युग डिजिटल का युग है। डिजिटल के जरिये न केवल नए उत्पादों की जानकारी अपितु स्वरोजगार स्थापना एवं सामजिक सुरक्षा से जुडी सरकार की योजना की जानकारी के साथ-साथ बैंकिंग लेन-देन को आसान बना दिया है।

डिजिटल माध्यम से किया जा रहा प्रशिक्षित 
ई-कॉमर्स पोर्टलों के द्वारा एक क्लिक पर उत्पादों की खरीद एवं बिक्री की जा रही है।  केंद्र के माध्यम से जरी जरदोजी साडी डिज़ाइन इम्ब्रायडरी एवं ड्रेस डिजाइनिंग कशीदाकारी में लगी महिलाओ को डिजिटल के माध्यम से प्रशिक्षित कर स्वरोजगार से जोड़ने का सरकार का सराहनीय कदम है।

ई-कॉमर्स  सिद्ध हो रहा वरदान 
संसथान के निदेशक अजय सिंह ने कहा की केंद्र द्वारा संचालित गतिविधियों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की मदद से डिजिटल के द्वारा शिक्षाविपड़न मार्केटिंग एवं हस्तशिल्प में नयी तकनीकी  का प्रयोग तथा ई-कॉमर्स जहा वरदान सिद्ध हो रहा है तो  वही उद्यमिता विकास कार्यक्रम रोजगार करने हेतु कुशल बनाता है तथा ई-कॉमर्स के माध्यम से उत्पादों को कम समय में अधिक से अधिक लोगो तक पहुंचाया जा सकता है।

इसके  साथ ही साथ प्रोडक्ट की ऑनलाइन बिक्री  ऑनलाइन शॉपिंग तथा इलेट्रॉनिक फण्ड सप्लाई चेन मैनजमेंट एवं इन्वेंटरी मनेजमेंट सिस्टम आदि द्वारा महिलाये अपने हुनर को रोजगार में स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है। वही उन्होंने  कहा कि 4000 से अधिक महिलाओ को परियोजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
 हुनर-ऐ–बनारस के तहत लगाईं गई प्रदर्शनी
संस्थान महिला उद्यमियों द्वारा बनाये गए हस्तशिल्प के उत्पादों की हुनर-ऐ–बनारस प्लेटफॉर्म के अंतरगर्त प्रदर्शनी लगाई गयी।

इस मौके पर जिला उद्योग केंद्र की सहायक उपायुक्त करुणा राय, सहायक आयुक्त, हैंडलूम एवं वस्त्रोद्योग नितेश धवन, एम. एस. एम. ई. के डायरेक्टर वी.के. वर्मा, सुरेन्द्र शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर प्रशांत दुबे, अमन सिंह, समेत संस्थान से मो.साजिद फरीदी दिव्या कमल दीक्षा दीक्षा सिंह, हुनर-ए-बनारस कि निदेशिका सरिता वर्मा आदिप्रतिभाग किये।

कार्यक्रम का संचालन पूजा सिंह व्  धन्यवाद ज्ञापन परियोजना प्रबंधक प्रशांत दुबे के द्वारा किया गया !
कार्यक्रम में बीजेपी आई टी सेल के पूर्व प्रदेश संयोजक करुणेश शर्मा, पवन उर्जा के चेयरमैन राजेश भाटिया, राम दुलार सिंह, गुलाब त्रिपाठी, विजय मौर्या आदि लोग मौजूद रहे।  |

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