नारस। शूलटंकेश्वर महादेव के मंदिर परिसर व गंगा के तट पर रामधीन दास गुरुकुल के बटुक और काशी के साधु संत ने संस्कृत में नाटक का मंचन करते हुए वृत्त चित्र को शूट किया गया।

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रामाधीन दास गुरुकुल कंचनपुर, भिखारीपुर के छात्रों ने मंदिर परिसर में संस्कृत के श्लोकों और संवाद के साथ दो नाटक का मंचन कर उसे कैमरे में कैद किया। संत रामधीन दास गुरुकुल के संस्थापक मनोज कुमार ठाकुर व नित्यानंदम पीठम केंद्र वाराणसी के साधु नित्य पूजानंद ने भी यहां पर कई भूमिकाएं निभाई।

संस्कृत में प्रस्तुत किये संवाद
गुरुकुल के संस्थापक मनोज ठाकुर ने बताया कि बटुको ने महायंत्र प्रवर्तनम् और धर्म सम्राट नाटक का मंचन किया।बटुको ने सारे संवाद संस्कृत में प्रस्तुत किए।

धर्म और पर्यावरण समर्पित है नाटक
इस अवसर पर गुरुकुल के संस्थापक मनोज ठाकुर ने बताया कि इस नाटक का मंचन धर्म और पर्यावरण को ध्यान में रखकर किया गया है।मनोज ठाकुर का कहना था कि पर्यावरण के समृद्ध होने से ही मानवीय जीवन प्रदूषण मुक्त हो सकेगा।

वैदिक परम्परा को बढ़ाने का लिया संकलप
उन्होंने बताया कि वैदिक परंपरा और वैदिक जीवन का अनुशीलन करके ही मानव समाज अपनी अपनी जीवनशैली को समुन्नत बना सकता है। संस्कृत और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार से ही नैतिक मूल्यों की स्थापना हो सकेगी। भारतीय परंपरा का ह्रास होने से ही पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है। सभी ने वैदिक परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

इस दौरान यहां पर बटुक सामंत ठाकुर, सुधांशु झा,नितेश ठाकुर, सर्वेश मिश्रा,सत्यम ठाकुर, गौरव मिश्रा सहित बहुत से बटुको ने हिस्सा लिया।

वृत चित्र सूट करने कार्य चंदन कुमार ने बताया कि फिल्म शीघ्र ही वृत्तचित्र के रूप में प्रकाशित कर उत्तर प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।साथ ही इसका प्रदर्शन संस्कृत विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भी किया जाएगा।

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