श्रीराम से युद्ध करने पहुंचा रावण, माता सीता हुई चिंतित

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रामनगर संवाददाता – डॉ राकेश सिंह

नारस। रामनगर की प्रसिद्द रामलीला में बुधवार को अपने भाई और बेटे की मौत से बेहोश हुए रावण को जब होश आया तो वह खुद युद्ध भूमि की तरफ बढ़ चला। रावण युद्ध करता जा रहा है था उसी समय हनुमान ने उसके सीने पर घूंसे से प्रहार किया जिसके बाद वह फिर बेहोश हो गया। होश आने पर उसने हनुमान की प्रशंसा की और फिर श्रीराम से युद्ध करने लगा। रामनगर की राम लीला में बुधवार की शाम राम रावण का युद्ध, और सीता- त्रिजटा के संवाद को दर्शाया गया। यही आज की आरती के बाद लीला को विश्राम दिया गया।

युद्ध में सबकुछ गँवाने के बाद अब रावण के पास कोई विकल्प था ही नही। उसे खुद ही आना पड़ा युद्ध के मैदान में। वह अपनी सेना के जीवित बचे सैनिकों से कहता है कि जिसका लड़ाई से मन हट गया हो वह अभी से भाग जाय लड़ाई के मैदान से भागने में भलाई नहीं है। वह कहता है कि मैने अपनी भुजाओं के बल पर लड़ाई बढ़ाई है। इसका जवाब भी मै स्वयं दूंगा। वह अस्त्र शस्त्र रथ आदि लेकर रणभूमि के लिए चलता है तो उसके सामने अपशकुन होने लगता है । उन सभी को नजर अंदाज करके वह आगे बढ़ता है।

उसको सेना के साथ आते देखकर वानरी सेना दौड़ती है। दोनों सेनाओं के साथ ही रावण व राम में युद्ध होने लगा। राम को पैदल युद्ध करते देख विभीषण को राम पर संदेह होता है। वह राम से कहते हैं कि आप कैसे विजय प्राप्त करेंगे रावण रथ पर आप पैदल। राम उपदेश दे कर विभीषण के मन की जिज्ञासा शांत करते हैं।

रावण युद्ध में सिर और भुजायें कटने के बाद भी डंटा रहा। बार बार उसकी भुजाएं कटती फिर जुट जाती। वह लक्ष्मण को घायल कर देता है। हनुमान रावण को घुसा मारते है तो वह बेहोश हो जाता है। होश में आने पर वह हनुमान की सराहना करता है।

लक्ष्मण रावण के सारथी को मार कर रथ नष्ट कर देते है। वह यज्ञ करने चला जाता है। इधर यद्ध का हाल सुन सीता घबरा जाती है। वह त्रिजटा से पूछ बैठी कि आखिर रावण मरेगा तो कैसे। त्रिजटा बताती है कि रावण के सीने में तुम्हारा वास् है। तुम्हारे सीने में प्रभु का और प्रभु के सीने में समस्त संसार का वास है। इसलिए जब रावण के नाभि में बाण लगेगा तभी वह मरेगा। इसी के साथ आज की आरती होती है।

रामनगर की प्रसिद्द रामलीला में आज रावण वध के बाद विजयदशमी का मेला आयोजित किया जायेगा।