नारस। भ्रष्‍टाचार के मामले में जेल में बंद चर्चित निलम्‍बित एआरटीओ आर एस यादव को फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही। मिर्जापुर जेल में बंद आर एस यादव की जमानत याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दूसरी बार भी ठुकरा दी है। इससे पहले वाराणसी के विशेष न्‍यायाधीश (भ्रष्‍टाचार) की अदालत से भी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट भी पूर्व में एक बार यादव की जमानत याचिका को खारिज कर चुकी है।

बता दें कि निलम्‍बित एआरटीओ आर एस यादव पर अवैध तरीके से अकूत सम्‍पत्‍ति बनाने का आरोप लगा है। बसपा और सपा सरकार में काफी चर्चित एआरटीओ रहे आए एस यादव को पिछले वर्ष डीएसपी त्रिपुरारी पाण्डेय ने वाहनों से अवैध वसूली के मामले में भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर धाराओं में मुक़दमा पंजीकृत कराया था। इसके बाद शासन ने आरएस यादव को गिरफ्तार करते हुए उसके कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें कई करोड़ की अवैध कमाई का पता चला था।

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वहीं इस मामले में वाराणसी के प्रमुख समाजसेवी राकेश न्यायिक ने भी अपनी तरफ से कई पुख्ता साक्ष्य न्यायालय में अपने अधिवक्ता के माध्यम से दिये थे। इसके आधार पर वाराणसी के विशेष न्यायधीश भ्रष्टाचार ने जमानत आर एस यादव की जमानत याचिका ख़ारिज कर दी थी। यहां से निराश होने के बाद आरएस यादव ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की थी जिसे कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था।

इसके बाद एक बार फिर आरएस यादव के अधिवक्ता ने दूसरी जमानत याचिका संख्या 7711 सन 2018 दाखिल कर कोर्ट से जमानत की मांग की थी, लेकिन उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने दोनों तरफ की दलीले सुनने के बाद उपरोक्त जमानत याचिका को ख़ारिज कर दिया है। जमानत याचिका का विरोध राकेश न्यायिक के अधिवक्ता संजय कुमार श्रीवास्तव एवं आशीष कुमार गुप्ता ने किया।

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