वाराणसी में महिला सशक्तिकरण कार्यशाला का हुआ आयोजन

नारस। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के उदेश्यो को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम ने महिला सहकारिताओं के सशक्तिकरण पर एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का अयोजन आयुक्त वाराणसी मण्डल के कार्यालय सभागार में किया।

कार्यशाला के आयोजन में सहकारिता विभागउत्तर प्रदेश शासन का सराहनीय योगदान प्राप्त हुआ। इस कार्यशाला में कृषि एवं कृषि से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों से जुडी पंजाब, हरियाणा एवं उत्तराखण्ड की महिला सहकारी समितियों के सदस्यों एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति दर्ज की गयी।

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कार्याशाला संयोजक राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम एन.सी.डी. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की एक सांविधिक संस्था है जो सहकारी समितियों की आर्थिक सहायता एवं विकास में संलग्न है तथा एक विशेष शीर्ष संस्था के रूप में स्थापित है।

निगम कृषि और कृषि संबंद्ध क्षेत्रों जैसे पैक्स, डेयरी, हैडलूम, पशुधन, मत्स्य पालन, चीनी, कपास और अधिसूचित सेवाओं जैसे परिवहन, अतिथ्य, ग्रामीण आवास, स्वास्थ्य शिक्षा आदि से संबंधित क्षेत्रों में कार्यक्रमों को सुद्धढ एवं प्रोत्साहित कर देश के आर्थिक विकास में महत्तवपूर्ण योगदान दे रहा है।

एन.सी.डी.सी. ने 108903 करोड से अधिक का वितरण किया है, जिसमें 1963 के बाद से अपने संचयी वितरण के 58 प्रतिशत की राशि रू0 63024 करोड पिछले 4 1/2 वर्षो में ही वितरित की है। एन.सी.डी.सी. ने सहकार-22 अंतर्गत किसानों की आय वर्ष 2022 तक दुगनी करने का मिशन भी शुरू किया है।

एन.सी.डी.सी. अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए महिला सहकारी समितियों को बढावा देने के लिए विशेष प्रयास करता है। निगम द्वारा महिला सहकारी समितियों को कमजोर वर्ग में वर्गीकृत किया गया है तथा ब्याज दर में विशेष छूट प्रदान की है।

वर्ष 2017-18 के दौरान एकीकृत सहकारी विकास परियोजनाओं में भंडारण, सेवा सहकारिताओं एवं अन्य कार्यक्रमों अंतर्गत महिला सहकारी समितियों को 786 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की गयी है। निगम की पहल पर, समाज के 100 लाख से अधिक सदस्य देश भर में महिलाओं के सश्क्तिकरण की दिशा में महिला सहकारी समितियों के स्तर को उपर उठाने में महत्तवपूर्ण योगदान निभा रहे हैं।

कार्यशाला का उदधाटन कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर करने के पश्चात कार्यशाला में उपस्थित लोगो को सम्बोधित करते हुए कहा कि कि सहकारिता एवं सहकारी समितियों के उददेश्य गठन एवं लाभ पर विस्तृत रूप से महिला प्रतिभागियों को अवगत कराया तथा अपेक्षा की महिलाएं सहकरिता के क्षेत्र में अधिक से अधिक प्रतिभाग कर लाभान्वित हो।

इस मौके पर एएन त्रिपाठी, वरिष्ठ वैज्ञानिक आईवीआरआई ने कार्यशाला में मौन-पालन से रोजगार अर्जन पर विस्तारपूर्वक प्रतिभागियों को अवगत कराया।

वही मुख्य अतिथि श्रीकॉंत गोस्वामी, अपर आयुक्त एव अपर निबंधक, आई.सी.डी.पी तथा मनोज कुमार, प्रबंध निदेषक, प्रादेशिक कोआपरेटिव यूनियनलिमिटेड ने ने कार्यशाला को गौरान्वित किया।

कार्यशाला में स्वागत सम्बोधन धनंजय कुमार सिंह, सदस्य, सामान्य परिषद, एनसीडीसी. द्धारा दिया गया। कार्यशाला में एम. पी. त्रिपाठी, अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक, सहकारी समितियॉं, वाराणसी मण्डल उपस्थित रहे।

डॉ नितेश धवन सहायक आयुक्त हथकरधा एवं वस्त्र उधोग, वाराणसी परिक्षेत्र ने हथकरधा के क्षेत्र में महिला सहकारिताओं की संभावनाओं पर बल दिया।

सुश्री श्रृद्धा अनंग, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता ने महिला सशक्तिरण में सहकारिता का योगदान के संबंध में प्रतिभागियों को अवगत कराया। डॉ एनएस. रहमानी, उप निदेशक, मत्स्य, वाराणसी मण्डल, ने मत्सय पालन में महिला सहकारिता की संदभावाओं के संबंध में प्रतिभागियों को अवगत कराया।

मृदुला जायसवाल महापौर, वाराणसी द्वारा कार्यशाला को सम्बोधित किया गया तथा बल दिया कि महिला सहकारी समितियों का गठन कर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से उदार ब्याज दर पर सहायता प्राप्त कर समाज में अपने स्तर को ऊंचा कर सकती हैं।

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