देश में हिन्दू मुस्लिम की नहीं, विचारधारा की लड़ाई है : शबाना आज़मी

नारस। देश में हिन्दू मुस्लिम की नहीं एक विचारधारा की लड़ाई है। एक विचार धारा आप को लिबरल और साम्प्रदयिक बनाती है जबकि अलग अलग विचारधारा कट्टरपंथ की और ले जाती है। उक्त बातें वाराणसी पहुंची बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा और पूर्व राज्यसभा सदस्य शबाना आज़मी ने कही। उन्होंने कहा कि मंदिर – मस्जिद का मुद्दा हमेशा चनाव के पहले ही क्यों आता है।

वहीं शबाना आज़मी ने #Metoo प्रकरण पर बोलते हुए कहा कि हमारी इंडस्ट्री देर आये दुरुस्त आये और इंडस्ट्री ने बहुत सख्त कदम इस मुद्दे पर उठाया है।

वाराणसी में चौबेपुर के बर्थारा गांव में मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी के बुलावे पर जन चौपाल लगाने पहुंची उर्दू अदब के मशहूर शायर कैफ़ी आज़मी की बेटी और बॉलीवुड की अदाकारा शबाना आज़मी ने वाराणसी पहुँचने पर LIVE VNS से खास बातचीत की। उन्होंने मंदिर मस्जिद मुद्दे पर जहां राजनेताओं की जमकर क्लास लगायी वहीं #metoo प्रकरण में फिल्म इंडस्ट्री के फैसले की जमकर प्रशंसा की।

इलेक्शन जो आने वाला है
शबाना आज़मी से जब बात की गयी और सवाल पूछा गया कि देश में मंदिर मस्जिद का मुद्दा इस समय बहुत ज़्यादा है तो उसपर उन्होंने कहा कि आपको इसमें हैरत है क्या आज तक कभी ऐसा हुआ है कि देश में इलेक्शन हो और और मंदिर और मस्जिद की बात न हुई हो। हमेशा ये देखा जाता है कि जब इलेक्शन नज़दीक आता है तो इस तरह के जो मुद्दे हैं उन्हें फैलाया जाता है क्योंकि इसकी वजह से मना जाता है कि वोट बैंक की पॉलिटिक्स होती है।

देश को पहुंचाती है नुक्सान
शबाना आज़मी ने कहा कि देश को ऐसी पॉलिटिक्स नुक्सान पहुंचाती है। हमारा देश पोलोरोलिस्टिक मुल्क है। यहां साम्प्रदायिकता को चोट पहुंचाया जाना गलत है।

हमारी ताकत है गंगा जमुनी तहज़ीब
इस मुद्दे पर शबना आज़मी ने वाराणसी की मिसाल देते हुए कहा कि हमारी और हमारे मुल्क की ताकत है गंगा जमुनी तहज़ीब और इस वक़्त हम जहां बैठे हैं बनारस ये शहर गंगा जमुनी तहज़ीब की मिसाल है। यहां सभी धर्म के लोग एक साथ काम करते हैं और ख़ुशी ख़ुशी रहते हैं। हमें बनारस से सीख लेनी चाहिए

लड़ाई विचारधारा की है
शबाना आज़मी ने कहा कि हमें समझना होगा कि लड़ाई हिन्दू – मुस्लिम की नहीं लड़ाई विचारधारा की होती है और विचारधारा की है। उन्होंने कहा कि एक विचारधारा आप को लिबरल और सांप्रदायिक सद्धभावना बनाती है और दूसरी विचारधारा आप को कट्टरपंथ की तरफ ले जाती है।

हसमे इस लड़ाई से निकलना होगा
शबना आज़मी ने कहा कि चाहे हिन्दू हों या मुस्लिम उन्हें ये समझना होगा कि उन्हें विवेकानंद के आदर्शों वाला हिन्दू बनना है या उनके जैसा जो अपने फायदे के लिए समय समय पर भड़काते हैं। उसी प्रकार मुस्लिमों को भी सोचना होगा कि उन्हें मौलाना आज़ाद की तरह बनना है या कट्टरपंथी। लोग समय समय पर ध्यान भटकाते हैं और हमारा फायदा उठाते हैं।

वहीं मॉब लीचिंग पर बोलते हुए शबना आज़मी ने कहा की जहां भी और जब भी अगर कानून अपना काम नहीं करेगा तो वहां एक भावना रह जाती है कि हमारे साथ नाइंसाफी हुई है और यह अगर बड़े पैमाने पर हो तो वह कोई भी रूप ले सकती है।

#Metoo पर फिल्म इंडस्ट्री ने उठाया मज़बूत क़दम
#metoo प्रकरण पर बोलते हुए शबना आज़मी ने कहा कि औरतों के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि वो जहां काम करती है वो जगह उनके लिए सुरक्षित हो। मुझे इस बात की ख़ुशी है कि फिल्म इंडस्ट्री देर आयी पर दुरुस्त आयी। हमारी जो फिल्म इंडस्ट्री है उसने इस मुद्दे पर बहुत सख्त क़दम उठाया है। उन्होंने साफ़ कहा कि अगर किसी के साथ यहाँ शोषण हो रहा है तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस तरह से फिल्म इंडस्ट्री ने बहुत बड़ी मिसाल पेश की है।