धनतेरस : माता अन्नपूर्णा के स्वंर्णमयी विग्रह का दर्शन करने उमड़ा आस्था का सैलाब

नारस। कार्तिक कृष्ण पक्ष के त्रयोदशी तिथि धनतेरस पर माता अन्नपूर्णा ने अपने भक्तो को धन-धान्य देकर निहाल कर रहीं हैं। रविवार देर शाम से कतारों में लगे भक्तो की तृप्ति दर्शन के पश्चात देखते बन रही थी।

सोमवार को भोर से मां के स्वर्णमयी विग्रह का दर्शन पूजा शुरू हुआ। आज ही के दिन मां का खज़ाना भी भक्तों में बांटना शुरू हो गया। मां के ख़ज़ाने का वितरण का सिलसिला रात तक अनवरत चलता रहेगा।

भोर में मंगल बेला में महंथ रामेश्वरपुरी, उपमहंथ शंकर पुरी ने स्वंर्णमयी प्रतिमा की आरती उतारी। इस आरती में उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह भी मौजूद रहे। मंदिर के आचार्य सत्यनारायण पांडेय के आचार्यत्व में देवी का षोडशोपचार पूजन किया गया। दूसरी ओर रविवार रात्रि से ही भक्तों की कतार गोदौलिया ओर ज्ञानवापी से बांसफाटक तक लगी हुई थी। भक्त माता के उद्धघोष लगा रहे थे और उनका नाम जप रहे थे।

भोर में पांच बजे मंगला आरती के उपरान्त स्वंर्णमयी प्रतिमा के कपाट भक्तो के लिए खोल दिये गए। कपाट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा। घण्टो से कतार बद्ध भक्तो को माता ने जब दर्शन दिया तो वो फुले नहि समा रहे थे। उन्हें गेट न.1 ढुंढिराज गणेश से मुख्यद्वार होते हुए दर्शन के लिए भेजा जा रहा था और राम मंदिर के रास्ते कालिका गली से निकास दिया जा रहा था।

भीड़ का आलम यह रहा कि सुबह 11 बजे 48 हजार के करीब भक्तों ने माता का दर्शन व खजाना प्राप्त किया।

शाम 5 से 7 विशिष्ट दर्शन

धनतेरस पर विशिष्ट लोगों के दर्शन लिए शाम 5 से 7 बजे का समय निर्धारण किया गया। इस दौरान भी आम भक्तो का दर्शन पूजन चलता रहेगा और रात्रि निर्धारित समय पर देवी की शयन आरती होकर कपाट बंद कर दिया जाएगा।