प्रवासी भारतीय सम्मलेन को समर्पित रंगोली प्रतियोगिता संपन्न

नारस। रंगों का त्योहार तो नहीं किन्तु मानते हैं कि अल्पना सजाने की सांस्कृतिक परम्परान्तर्गत घरों के ड्योढ़ी पर अल्पना बनाने से वहां लक्ष्मी की सवारी आती है। इसी सांस्कृतिक परम्परा कोे केन्द्र में रखकर स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल ने ‘‘रंगोली प्रतियोगिता‘‘ का आयोजन बनपुरवां शाखा के प्रांगण में किया, जो वाराणसी के जिलाधिकारी के आह्वान पर भारतीय प्रवासी दिवस के समारोह को समर्पित रही।

विज्ञापन

प्रतियोगिता का शुभारम्भ विद्यालय समूह के प्रबन्धक बाबा प्रकाशध्यानानन्द के सानिध्य में मुख्य अतिथि एंजल हर्ट गैलरी की डायरेक्टर अंजलि पाण्डेय के कर कमलों द्वारा सर्वप्रथम गोलोकवासी श्रीश्री 1008 स्वामी हरसेवानन्दजी महाराज परमहंस के तैलचित्र पर पुष्पाहारार्पण व दीप प्रज्ज्वलित करके हुआ। विद्यालय के पांचो शाखाओं के प्रतिभागियों ने अपना पूरा दमखम लगाकर अपने-अपने हुनर को इस प्रतियोगिता में प्रदर्शित किया।

वहीं रंगोली में दो प्रकार से अल्पना बनाने की होड़ लगी थी। कहीं अनाज के दानों से तो कहीं रंगों के संयोजन से। विद्यार्थियों के अद्भुत रंगों का संयोजन सबका ध्यान बरबस अपनी ओर आकर्षित किए जा रहा था। प्रतियोगिता काफी घमासान रही, निर्णायक के रूप में मुख्य अतिथि अंजलि पाण्डेय ने बनपुरवां शाखा को प्रथम, गड़वाघाट शाखा को द्वितीय, घोरावल शाखा कोे तृतीय स्थान घोषित किया तथा चुर्क शाखा और जगतगंज शाखा को सांत्वना से संतोष करना पड़ा।

विद्यालय के प्रबन्धक ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए कहा कि हीरा जब तक दबा होता है तब तक उसकी कीमत का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। जब जौहरी उसे नक्काशी व आकार देकर तराशता है तो उसकी चमक चहुंओर चकाचैंध कर देती है। उसी प्रकार विद्यार्थियों की प्रतिभा को तराशने के बाद जो अब देखने को मिली है उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं है।

इस अवसर पर अर्चना राय, ममता मिश्रा, विशाखा, वैष्णवी, नीरज कुशवाहा, शिवांगी मालवीय, बी.एन. वर्मा, मुकेश्वर सिंह सहित समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं । अन्त में छात्रावास अधीक्षक लेफ्टिनेंट एम.एस.यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

विज्ञापन