देव दीपावली पर इस बार तुलसीघाट पर दिखेगी काशी के नवरत्नो की झांकी

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नारस। संकटमोचन मंदिर और संकटमोचन फाउंडेशन ने एक बार फिर गंगा निर्मलीकरण, सांस्कृतिक धरोहरों की संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप काशी की गंगा और उसके धरोहरी घाटों के साज-सज्जा का केन्द्र बिन्दु बनाया है।

वही तुलसीघाट की देव दीपावली इस बार भारत में मैण्डोलीन के जनक एवं साधक पं यू श्रीनिवासन की शेष स्मृतियों को समर्पित होगी। देशी और विदेशी कलाकार इस कल्पना को मूर्त रुप देने में जुटे हुये हैं। काशी के धरोहरी घाटों के विभिन्न कोणों से निहारते काशी के गंगा नवरत्नों की झांकी दर्शकों का मन मोहेगी तो उन्हें प्रेरणा भी देगी।

संकटमोचन फाउंडेशन, अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास के अध्यक्ष एवं संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो विश्वम्भरनाथ मिश्र ने बताया कि देव दीपावली के अवसर पर तुलसीघाट पर युवा कलाकारों ने घाटों की इस झांकी में काशी की जीवंतता को उकेरने का संस्कृति के साये में शानदार प्रयास किया है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के क्रम में स्व पं यू श्रीनिवासन के छोटे भाई पं यू राजेश मेण्डोलीन का वादन और साथ में विश्व विख्यात ड्रमर शिवमणि के रिदमों की प्रस्तुति श्रद्दालुओं और दर्शकों को अपने मायापाश में बांधेगी।

उन्होने बताया कि तुलसीघाट पर आयोजित देव दीपावली की तैयारियां जोरों पर है। राजू कुमार चित्रकार पटना (बिहार), राजेश कुमार मूर्तिकार वाराणसी, अनिल कुमार चित्रकार बहरीन, कैलाश कुमार विश्वकर्मा रीवा (मध्य प्रदेश), देवेन्द्र पटेल, प्रवीण पटेल, किशन कुमार (वाराणसी), सहयोगी शिल्पी दिवाकर, रामू, योगेश कुमार सहित दर्जनों कलाकार अपनी साधना में जुटे हुए हैं।