ज़हर का इंजेक्शन लगाकर महिला डॉक्टर ने की ख़ुदकुशी, सुसाइड नोट में लिखी वजह

नारस। साल 2007 में अपने पति की ह्त्या की साजिश में जेल जा चुकी कैंट थाना अंतर्गत अर्दली बाज़ार में एक निजी अस्पताल चलाने वाली डाक्टर शिल्पी राजपूत ने ज़हर का इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। इसकी सूचना जब अस्पताल के कर्मचारियों को मिली तो हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को सूचना देने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

इस सम्बन्ध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि महिला डाक्टर ने एक सुसाइड नोट लिखा है जिसमे अपने बेटे से परेशान होने की बता लिखी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पायेगी।

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शनिवार की सुबह शहर के अर्दली बाज़ार पुलिस चौकी क्षेत्र के महावीर मंदिर रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल की संचालिका डॉ शिल्पी राजपूत ( उम्र 48 वर्ष ) अपने केबिन में मृत पायी गयी। इसकी सूचना अस्पताल के कर्मचारियों ने पुलिस को और उनके परिजनों को दी। इस सम्बन्ध में डॉ शिल्पी राजपूत के ड्राइवर नवीन चौबे ने बताया कि गुरुवार की रात डॉ साहब ने हमें गार्ड से ऊपर बुलवाया और कहा कि आज हम ऊपर नहीं सोयेंगे। नीचे चेंबर में सोयेंगे तो हम उनका कम्बल लेकर उन्हें चेंबर में लाकर उन्हें दे दिए। उसके बाद उन्होंने एक गिलास पानी मांगा और फिर हम लोगों से कहा की आप लोग जाइये।

नवीन ने बताया कि मैडम अमूमन दस से 11 बजे तक सोती हैं तो उन्हें किसी ने जगाया नहीं। उन्होंने अपनी चचेरी बहन नैना को बुलाया था उनसे कोई ज़रूरी बात करनी थी उन्हें। वो जब सुबह आयी तो उन्होंने चेंबर खोला तो डॉक्टर साहिबा अपने चेंबर में अचेत पड़ी थी। डाकटरों ने चेक किया तो वो मर चुकी थी। इसके बाद उनके परिजनों और पुलिस को सूचना दी गयी।

इस सम्बन्ध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि डॉक्टर की सुसाइड का मामला आया है। उनके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमे उन्होंने अपने बेटे पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। जांच के बाद उचित कार्रवाई होगी।

बता दे कि डॉ शिल्पी के पति और सरकारी डॉक्टर रहे डॉ डी पी सिंह की 11 वर्ष पहले 13 सितम्बर 2007 को पांडेयपुर क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में डॉ शिल्पी को हत्या की साजिश रचने के आरोप में छह अन्य आरोपियों के साथ जेल भेजा गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।

वहीं चर्चा यह भी है कि डॉ. शिल्पी की मानसिक स्थिति पिछले दो-तीन महीने से ठीक नहीं थी। वो उच्च क्षमता वाले ड्रग्स के इंजेक्शन लेती थी, इस वजह से उन्हें नींद बहुत कम आती थी और वह कुछ भी बोलने लगती थी। इधर दो-तीन दिनों से उनका व्यवहार सामान्य हो रहा था। डॉ शिल्पी के एक बेटा उमंग और एक बेटी दीप्ति है। दोनों दिल्ली में पढ़ाई कर रहे हैं।

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