वाराणसी के इस थाने पर गिरफ्तारी के बाद भी हत्यारोपियों का नहीं होता चालान, SO ने कहा सबूत मिलेगा तो भेजेंगे जेल

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नारस। जनपद में अपराधियों पर लगाम कसने के लिए जहां सभी थाने और क्राइम ब्रांच अलर्ट मोड़ पर है। आये दिन मुठभेड़ में अपराधी पकडे जा रहे हैं। वहीं कुछ थानाध्यक्षों की कार्यप्रणाली वाराणसी पुलिस का मखौल उड़ा रही है और ऐसा तब हो रहा जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गलती करने वाले पुलिसकर्मियों कर रहे हैं।

ताज़ा मामला वाराणसी जनपद के रोहनिया थानाक्षेत्र का है। इस थाने की पुलिस एक ह्त्या में चारों नामजदों को पकड़कर थाने लाती है और बिना चालान किये उन्हें थाने में 19 तारीख से बैठाये गए हैं । उनसे इस बाबत जब पत्रकार ने पूछताछ की तो उन्होंने कहा कि ह्त्या का मामला कोई मामूली धारा नहीं है कि किसी का नाम बता दिया तो उसे हम गिरफ्तार करके जेल भेज देंगे।

इस सम्बन्ध में बात करते हुए रोहनिया थानक्षेत्र के तारापुर टिकरी निवासी जितेंद्र नारायण राय ने बताया कि 17 तारीख को हमारे भाई को गाँव के ही कुछलोग खाना खिलाने के लिए बुलाकर ले गए। उसके बाद सुबह हमारे भाई का शव कुएं में मिला। इसपर हमने गाँव के ही बंटी सिंह, शिबू मिश्रा, शिवम् सिंह एवं आशीष तिवारी के विरयुद्ध नामजद तहरीर रोहनिया थाने में दी थी।

इसपर कार्रवाई करते हुए रोहनिया पुलिस ने सभी चारों को 18 तारीख को ही पकड़ लिया पर आज तक उनका चालान नहीं किया है। इस सम्बन्ध मने जब Live VNS के संवाददाता ने थाना रोहनिया के सीयूजी नंबर थानाध्यक्ष रोहनिया से बात की तो उन्होंने कहा कि हां इस मामले में अभियुक्तों को थाने लाया गया है। उनसे जब ये पूछा गया कि 24 घंटे बीत गए क्या आप ने इन चारों नामजद का चालान किया तो उन्होंने कानून का पाठ पढ़ना शुरू कर दिया और कहा कि ह्त्या में नाम डाला गया है जांच चल रही जांच के बाद चालान होगा अभी नहीं होगा। उनके विरुद्ध अभी कोई सबूत नहीं मिला है सबूत मिलेगा तो चालान होगा।

अगर हम कानून की माने तो कानून के हिसाब से यदि किसी ह्त्या के बाद परिजन नामजद रिपोर्ट दर्ज कराते हैं तो पुलिस उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर 24 घंटे के अंदर कोर्ट में पेश करते हुए उसे जेल भेजने की कार्रवाई करती है, लेकिन यहां थाना रोहनिया खुद कोर्ट बना बैठा है और मृतक के परिजन इन्साफ के लिए दर दर भटक रहे हैं।