सेवाभाव हो तो ऐसा, वाराणसी के इस युवक के जज्‍़बे को आप भी जरूर करेंगे सलाम

नारस। कहीं भी किसी को आकस्मिक चिकित्सा सेवा की ज़रुरत होती है तो वह फ़ौरन एम्बुलेंस के लिए 102 या 108 नंबर डायल करता है और एम्बुलेंस मौके पर पहुंचकर मरीज़ को अस्पताल पहुंचाती है। ये सामान्य लोगों की एम्बुलेंस सेवा थी, लेकिन समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हे दवा की और इलाज की ज़रूरत तो होती पर उनके लिए कोई एम्बुलेंस नहीं आती।

24 घंटे काशी की सड़कों पर मौजूद है ये सेवा
ऐसे लोगों के लिए भी अब शहर में एक एम्बुलेंस सेवा शुरू हुई है, जिसका नंबर है 8687553080, चौकिये मत ये नंबर है वाराणसी के ‘अमन’ को कायम रखने वाले अमन यादव उर्फ़ ‘कबीर’ का, जिनकी बाईक एम्बुलेंस शहर के बेसहारा और बीमार लोगों के लिए 24 घण्टे काशी की सड़कों पर उपलब्ध है।

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हमसे और आपसे बहुत अलग हैं कबीर
हम जब किसी सड़क से गुज़रते हैं और हमारी नज़रों के सामने कोई बेसहारा दर्द से कराहता सड़क के किनारे दिखाई देता है, तो हम आह भरते हैं और वहां से जल्दी से जल्दी निकल जाना चाहते हैं। ऐसे ही लोगों के मसीहा अमन यादव ‘कबीर’ अपनी बाइक एम्बुलेंस लेकर काशी की सड़कों पर घूम रहे हैं और उनका प्राथमिक इलाज कर उन्हें अस्पताल में एडमिट करा रहे हैं।

कभी पैदल ही दौड़ जाया करते थे, अब बाइक का सहारा
इस सम्बन्ध में बात करते हुए अमन ‘कबीर’ ने LIVE VNS को बताया कि समाज में कई लोग ऐसे हैं जो अपने घर के सताये हुए हैं। उनके परिवार वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया है और वो बीमार हैं। रोड के किनार अपनी बिमारी से जूझ रहे हैं। ऐसे लोगों की सेवा मै कई वर्षों से कर रहा हूं। पहले किसी भी सूचना पर पैदल भाग कर जाया करता था फिर साईकिल और अब एक व्यक्ति की मदद से यह छोटी से बाईक एम्बुलेंस तैयार हुई है।

इलाज ही नहीं सहारा भी उपलब्‍ध कराते हैं कबीर
अमन ने बताया कि इस बाईक एम्बुलेंस में सिर्फ गरीब बेसहारों के लिए प्राथमिक उपचार की चीज़ें ही नहीं इसमें उन बेसहारों को नहलाने, उनकी शेविंग, उनके लिए कपडे और उनके लिए खाने की पूरी वयवस्था होती है। यदि कहीं कोई गरीब ठण्ड से ठिठुर रहा है तो हम उसे कपडे भी देते हैं।

कोई भी, कभी भी कर सकता है उनसे सम्‍पर्क
काशी के लावारिसों के लिए शुरू हुई या नयी एम्बुलेंस सेवा का हेल्पलाइन नंबर है 8687553080, अमन ने बताया कि कोई भी, कभी भी इस नंबर पर काल करके अपने आस पास की स्थिति से अवगत करवा सकता है। साथ ही यदि कोई व्यक्ति बनारस के किसी भी अस्‍पताल में एडमिट है और उसकी मौत होने के बाद उसके दाह संस्कार में दिक्कत आती है तो हम उसके लिए भी मदद करते हैं।

500 से ज्‍यादा लोगों का करा चुके हैं इलाज
अमन कबीर अभी तक वाराणसी शहर में 500 से अधिक लावारिसों का इलाज कर उन्हें अस्पताल में एडमिट करवा चुके हैं और जल्द ही वाराणसी के आस पास के ज़िलों में भी ये अपनी सेवा देने के लिए तैयारी कर रहे हैं

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