अरविन्‍द राजभर ने मंत्री अनिल राजभर को बताया ब्‍लैकमेलर, कहा- सरकार की आड़ में सेंक रहे रोटी

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नारस। सुभासपा की जनपद इकाई की समीक्षा बैठक में पहुंचे पार्टी के राष्‍ट्रीय मुख्य महासचिव और कैबिनेट मिनिस्टर ओमप्रकाश राजभर के पुत्र अरविन्द राजभर ने राज्यमंत्री अनिल राजभर पर जमकर जुबानी प्रहार किया। उन्होंने मंत्री अनिल राजभर को ब्‍लैकमेलर की संज्ञा दी, साथ ही उन्हें चैलेन्ज भी किया कि यदि हिम्मत हो तो गरीब पिछड़ों के लिए आने वाले विधानसभा सत्र में मंत्री ओमप्रकाश राजभर का साथ दे और कहें कि मंत्री ओमप्रकाश राजभर की मांग जायज़ है।

हाल ही में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर टिपण्णी करने वाले उनकी ही सरकार के राज्य मंत्री अनिल राजभर का जवाब देते हुए ओमप्रकाश राजभर के पुत्र और सुभासपा के राष्‍ट्रीय मुख्य महासचिव अरविन्द राजभर ने कहा कि स्वाभाविक है मैं किसी व्यक्ति विशेष पर टिपण्णी नहीं करना चाहूंगा। बस इतना कहूंगा कि ऐसा कहने वाले पहले अपनी गिरेबान में देखें, जिस समाज को लेकर राजनीति करने का काम करते हैं उसका एक स्थायी अस्तित्व भी नहीं है। ऐसे लोग अगर ओमप्रकाश राजभर को नसीहत देंगे तो पहले वो खुद को देखें की वो किस स्थान पर खड़े हैं।

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ब्‍लैकमेलिंग की राजनीति करते हैं अनिल राजभर
पिछड़ी जाति को हक़ के लिये सुभासपा और भाजपा के बीच हुए समझौते को हाल ही में मंत्री अनिल राजभर द्वारा नकारने पर अरविन्द राजभर ने कहा कि एनडीए में सुभासपा का जो भाजपा से गठबंधन हुआ था, उसमें अनिल जी तो शामिल नहीं थे। उसमे उनका कहीं दूर दूर तक कोई सम्बन्ध नहीं था। अरविन्द राजभर ने कहा, ”हिंदी में कहावत है न कि नाचे ना आवे अंगनवा टेढ़ा, जिसको यही नहीं पता है कि भारतीय समाज पार्टी ब्‍लैकमेलिंग कर रही है, जैसा की लोग कह रहे हैं। ब्लैकमेलिंग की राजनीति उनकी तरह नहीं हम नहीं करते कि कभी सपा में, कभी बसपा में, कभी कांग्रेस में तो कभी पूर्वांचल मंच में, तो कभी एकता मंच में और आज जिस दल के साथ हैं इन्हे शुक्रगुज़ार होना चाहिए शिवपुर की जनता का, शिवपुर के राजभर समुदाय का, शिवपुर के पिछड़े हुए समाज का कि उनको समाज का मान करके आगे बढ़ाया।”

किसी में ताकत नहीं के गठबंधन से निकाल दे
अरविन्द राजभर ने मंत्री अनिल राजभर पर तंज़ करते हुए कहा कि एक राष्ट्रीय अध्यक्ष दूसरे राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात करता है, बीच में ऐसे लोगों की ज़रुरत नहीं होती है। ऐसे लोग जो सिर्फ सपोर्टिंग पर्सन हैं, सिर्फ गुलाम बनकर राजनीति करते हैं, ऐसे लोगों से ना तो पिछड़ों से मतलब है और ना ही दलितों से मतलब है। अरविन्द राजभर ने इस दौरान मंत्री अनिल राजभर को चैलेन्ज भी किया। उन्‍होंने कहा कि बार बार अनिल राजभर कह रहे हैं कि यदि दिक्कत है तो ओमप्रकाश राजभर साथ छोड़ दें, तो मैं उनसे कहता हूँ कि उनके में औकात नहीं है और ना ही भारतीय जनता पार्टी में ताकत है कि ओमप्रकाश राजभर को पार्टी से निकाल दे।

भाजपा की आड़ में सेक रहे अपनी रोटी
मंत्री अनिल राजभर को सलाह देते हुए कहा अरविन्‍द राजभर ने कहा कि वे समाज के हित की बात करें, जिस तरह से ओमप्रकाश राजभर पिछड़े, दलित और सर्वसमाज की लड़ाई लड़ रहे हैं। सिर्फ एक काम वो करें, सदन शुरू होने वाला है, सदन में एक बार खड़े होकर ज़रूर पिछड़े समाज की आवाज़ उठा दें। मैं समझ लूंगा, या ये कह दें की जो ओमप्रकाश राजभर मांग कर रहा है, वो मांग जायज़ है, वो मांग पूरी होनी चाहिए। उसी दिन मैं समझ जाऊंगा कि वो समाज के सच्चे हितैषी हैं। अगर हो हिम्मत तो सदन में ओमप्रकाश राजभर का समर्थन करें, वरना यही समझूंगा की वो अपनी रोटी सेंक रहे हैं, भारतीय जनता पार्टी की आड़ में।

लोकसभा में चाहिए ये पांच सीट
अरविन्द राजभर ने बताया कि मिशन 2019 लोकसभा चुनाव को देखते हुए चंदौली लोकसभा पर हमारा विशेष रूप से फोकस है। आज इस कार्यक्रम में चंदौली लोकसभा के समस्त कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है। 2019 चुनाव को देखते हुए सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी जो भाजपा सरकार एनडीए गठबंधन का हिस्सा है। उनसे हमने चंदौली लोकसभा सीट के साथ साथ पांच लोकसभा सीटों की डिमांड की है। इसी को ध्यान में रखते हुए आज कार्यकर्ताओं को बुलाकर संगठन की समीक्षा की जा रही है। उत्तर प्रदेश की चंदौली, मछलीशहर, घोसी, सलेमपुर और अम्बेडकरनगर में अकबरपुर सीट की मांग की है। अरविन्द राजभर ने बताया कि कैबिनेट मिनिस्टर ओमप्रकाश राजभर लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।

इस सरकार में मंत्री की नहीं सुन रहे अधिकारी
राज्य सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर ओम प्रकाश राजभर के पुत्र और सुभासपा के राष्‍ट्रीय मुख्य महासचिव अरविन्द राजभर ने कहा कि भाजपा शासन में वाराणसी जनपद के जो हमारे कार्यकर्ता हैं उनसे नित्य यह बात खुलकर सामने आ रही है कि जनपद के कुछ अधिकारी ऐसे हैं जो राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री के द्वारा ग़रीबों के कल्याण हेतु या उन्हें न्याय के लिए लिखे गए पत्रों का भी जवाब नहीं दे रहे हैं।

हम नहीं लड़ेंगे मस्जिद मंदिर के नाम पर
अरविन्द राजभर ने कहा कि जिस तरह से मंत्री ओमप्रकाश राजभर मौजूदा सरकार की गलत नीतियों का लगातार विरोध करते चले आ रहे हैं। उनके गलत सिद्धांत जो ग़रीबों के पक्ष में नहीं हैं उनका हम विरोध कर रहे हैं। सिर्फ मंदिर और मस्जिद को देखते हुए राजनीति कर रहे हैं और तो और लोग हनुमान जी को भी नहीं छोड़ रहे हैं। हमारा और हमारी पार्टी का एक ही उद्देश्य है, हम मूलभूत आवश्यकताओं के लिए लड़ेंगे, ना की मंदिर और मस्जिद के लिए।

देशद्रोह का चले मुकदमा
बुलंदशहर की घटना की निंदा करते हुए अरविन्द राजभर ने कहा कि हम इसकी जितनी भी निंदा करें वो कम है। अरविन्द राजभर ने कहा कि इस मामले को राजनितिक तूल नहीं देना चाहिए, क्योंकि हो सकता है ऐसा करने से उत्तर प्रदेश और देश के अंदर अराजकता का माहौल पैदा हो जाए। ऐसा कृत्य करने वाले लोगों को देशद्रोह या आजीवन करवास या फांसी की सजा सुनाई जाए, यही हमारी पार्टी की राज्य सरकार से मांग है।

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