नारस। साल 2006 में आतंकवादी धमाके का दंश झेल चुके संकटमोचन मंदिर पर एक बार फिर आतंकियों की निगाह पड़ गयी है। संकटमोचन मंदिर को उड़ाने के लिए मंदिर के महंत को एक लेटर मिला है। इस लेटर के मिलते ही वाराणसी से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मचा हुआ है। इस सम्बन्ध में वाराणसी पुलिस ने दो लोगों के विरुद्ध नामजद मुकदमा कायम किया है। पुलिस अब इस मामले मे जांच की बात कह रही है।

‘पहले भी जो विस्फोट मंदिर में हुए हैं वो हमने किये हैं और आगे भी करेंगे’ ये इबारत है उस चिट्ठी की जो संकटमोचन मंदिर की दैनिक डाक के एक लिफ़ाफ़े में मिली है। जमदार मिया और अशोक यादव के नाम से लिखे इस पत्र के मिलते ही प्रशासनिक अमले में खलबली मच गयी है।

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दो लोगों के नाम से मिला लेटर
इस सम्बन्ध में संकटमोचन मंदिर के महंत प्रोफ़ेसर विश्वम्भरनाथ मिश्रा ने बताया कि सोमवार को जब हम रात में मंदिर दर्शन करने पहुंचे तो जो रेगुलर डाक आती है वो हमें दी गयी। उसी डाक में एक लिफ़ाफ़े के अंदर सील डाक मिली थी। यह डाक जमदार मिया और अशोक यादव के नाम से थी। इस पत्र में लिखा था कि पहले भी जो विस्फोट मंदिर में हुए हैं वो हमलोगों ने किये हैं आगे भी करेंगे। ये पढ़कर हमें वह पत्र ठीक नहीं लगा, तो हमने तुरंत पुलिस को इस बात से अवगत कराया और अगले दिन सुबह वह पत्र पुलिस को हैंडओवर कर दिया।

धमाके के बाद से सुरक्षा व्यवस्था हुई है चाक चौबंद
संकटमोचन मंदिर के महंत ने बताया कि पहले मंदिर में कोई पास नहीं था, लोग आसानी से प्रवेश पाते थे, लेकिन साल 2006 में हुए आतंकी धमाकों के बाद यहाँ सुरक्षा व्यवस्था के पूर्ण इंतज़ाम किये गए हैं। हर पॉइंट पर गार्ड उपलब्ध हैं। हमारी मांग है कि मंदिर की जो व्यवस्था है, वो मंदिर की तरह ही रहे, बाकी बाहर से सुरक्षा मिले।

सीओ भेलूपुर कर रहे हैं जांच
इस सम्बन्ध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेश राव आनंद कुलकर्णी ने बताया कि एक पत्र संकटमोचन मंदिर के महंत को मिला है मंदिर को लेकर, जिसमे कुछ धमकी वगैरह दी गयी है मंदिर के सम्बन्ध में। इस मामले में लंका थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया है, जिसकी जांच सीओ भेलूपुर के नेतृत्व में की जा रही है।

टाइट की गयी है सुरक्षा
एसएसपी ने बताया कि अभी तक जो जांच हुई है उसके अनुसार ये पाया जा रहा है कि लेटर पर कुछ नाम भी लिखे हैं और कुछ मोबाइल नंबर भी लिखें हैं। इन तथ्यों को सम्मिलित करते हुए इसकी जांच की जा रही है, क्योंकि सुरक्षा की दृष्टि से ये वाराणसी का एक महत्वपूर्ण स्थान है। इसकी गंभीरता से जांच हो रही है, लेकिन प्रथम दृष्टया जो जानकारी हुई है ये भी संभावित है कि किसी व्यक्ति के द्वारा जानबूझकर, परेशान करने के लिए यह पत्र लिख गया है। फिर भी प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच सीईओ भेलूपुर कर रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था भी मंदिर की टाइट की गयी है।

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