MDM को लेकर वाराणसी विकास भवन में हुआ कार्यशाला का आयोजन, अफसरों ने अभिभावको को जागरूक करने का दिया आदेश

नारस। बच्चों को कुपोषण औऱ एनीमिया से बचाने के लिए मिड डे मील एक अच्छा माध्यम है। किन्तु एम डी एम की पोषकता को और बढ़ाने के लिए फोर्टीफिकेशन आज की महती आवश्यकता है।

उक्त बातें डीएम सुरेन्द्र सिंह ने व्यक्त किये।वे गुरुवार को वाराणसी के विकास भवन में मध्यान भोजन के फोर्टिफिकेशन पर चर्चा हेतु वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के प्रयास से विकास भवन में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

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उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग हेतु निर्देशित किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक, अभिभावक और इस प्रक्रिया से जुड़े लोगों की महती जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को फोर्टिफाइड एमडीएम का उपभोग करना सुनिश्चित करावें।

वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम से आई मिली असरानी ने विश्व औऱ भारत मे फूड फोर्टीफिकेशन के माध्यम से एनीमिया और कुपोषण दूर करने के प्रयासों को पावर पॉइंट प्रस्तुति की।वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के प्रोग्राम एसोसिएट नीलेश गंगवारे ने जिले संचालित इस परियोजना के बारे में विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि वाराणसी के 1610 प्राथमिक, अपर प्राथमिक, सहायता प्राप्त अपर प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों और मदरसों में यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसमे कार्यदायी संस्था डॉ. शम्भूनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन के कार्यकर्ता प्रत्येक विद्यालयों में जाकर बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को इसके प्रति जागरूक व प्रेरित करेंगे।

कार्यशाला में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला समन्वयक एम डी एम तथा अन्य जिलास्तरीय अधिकारी व प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य स्टेकहोल्डर्स भी उपस्थित रहे।

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