दो दोस्तों को फंसाने के लिए भेजी गयी थी संकटमोचन मंदिर को उड़ाने के लिए चिट्ठी

नारस। सोमवार की रात रजिस्टर्ड डाक से संकटमोचन मंदिर उड़ाने की मिली धमकी के बाद पूरे प्रदेश मे हडकम्प मच गया था। राजस्थान से आये इस लेटर में बिहार के नंबर दिये गये थे और दो नाम जमदार मियां और अशोक यादव लिखा था। इस मामले की तफ्तीश के बाद यह बात निकलकर सामने आयी है कि जमदार मियां और अशोक यादव मधुबनी बिहार के रहने वाले हैं और इनका एक बुज़ुर्ग से ज़मीन का विवाद है, जिनके रिश्तेदार उत्तर प्रदेश और राजस्थान में रहते हैं। फिलहाल पुलिस ने जांच के बाद ही सारी स्थिति साफ़ होने की बात कही है।

3 दिसंबर की शाम संकटमोचन मंदिर पहुंचे मंदिर के मेहनत प्रोफ़ेसर विश्वम्भरनाथ मिश्रा को रजिस्टर्ड डाक से एक लिफाफा मिला था, जिसमे मिले एक पत्र में मंदिर में धमाके की बात कही गयी थी और दो नाम सहित दो नंबर भी दिया गया था। इस लेटर के मिलने के बाद इस मामले की तफ्तीश पुलिस, क्राइम ब्रांच और एटीएस ने शुरू की थी।

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तफ्तीश में यह बात सामने आयी है कि वाराणसी के संकटमोचन मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी भरी चिट्ठी जमीनी विवाद की रंजिश में भेजी गई थी। चिट्ठी में जिस जमादार मियां और अशोक यादव का जिक्र है, वे बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले दो दोस्त हैं।

क्राइम ब्रांच और एटीएस ने मधुबनी पहुंचकर फोन नंबर के आधार पर उक्त दोनों लोगों से बातचीत की है। वाराणसी पुलिस के अनुसार दोनों ही आपस में दोस्त हैं और कुछ ही दूरी पर इनकी दुकानें हैं। जमदार मिया का एक बुज़ुर्ग से ज़मीनी विवाद चल रहा है। दोनों को फ़साने के लिए ऐसा काम किया गया है। उस बुजुर्ग के रिश्तेदार देवरिया जिले में रहने के कारण संकटमोचन मंदिर से भलीभांति वाकिफ हैं और उसके बेटे बड़ोदरा और अहमदाबाद में रहते हैं।

पुलिस के अनुसार, जमादार और अशोक के आपराधिक इतिहास की जानकारी भी मधुबनी पुलिस से नहीं मिली है। इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि जमादार और अशोक की तस्दीक कर ली गई है। फिलहाल यही समझ में आया है कि जमीन विवाद की रंजिश में फंसाने के लिए दोनों का नाम लिख कर धमकी भरी चिट्ठी भेजी गई थी। तफ्तीश जारी है और सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी।

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