काशी में हो रहे विकास कार्यों को मनीषा कोइराला ने सराहा, साथ में दे दी ये नसीहत भी…

नारस। एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंची बॉलीवुड की अदाकारा मनीषा कोइराला ने काशी के विकास को सराहते हुए कहा कि काशी का विकास हो पर सिर्फ भौतिक, आध्यात्मिक नहीं। काशी वासी अपनी अच्‍छाई न छोड़ें और ना ही बनारसीपन। मीडिया से बातचीत के पहले मनीषा कोइराला ने बाबा विश्वनाथ और माता भगवती के भी दर्शन किये।

बहुत हुआ है, अभी बहुत कुछ होना बाकी है
मनीषा कोइराला से जब काशी के विकास के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ”बहुत ही अच्छा लगता है, हमेशा यहां जब भी आती हूं, क्योंकि मैं यहाँ बीटीएस और वीकेएम में पढ़ी हुई हूं। बहुत ही मन प्रसन्न हो जाता है। मन उत्साहित हो जाता है। काफी कुछ अच्छी चीज़ें हुई हैं। बदलावा आया है, चाहे वो एयरपोर्ट रोड हो, पुल हो और भी कई अच्छी अच्छी चीज़ें हो रही हैं।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को मनीषा को कोइराला ने बहुत अच्‍छा बताया है, हालांकि उन्‍होंने ये भी जोड़ा कि अभी भी बनारस में बहुत कुछ अच्छा होना बाकी है, क्योंकि काशी एक ऐसी जगह है, जिसे आप संभाल संभाल कर आगे और बदलाव की तरफ ले जा सकते हैं।

विज्ञापन

काशीवासी न बदलें
इस दौरान मनीषा को ”मेरी काशी” पुस्तक भी दी गयी। मनीषा से जब पूछा गया कि काशी को कैसे देखना चाहती है तो उन्होंने कहा, ”मैं तो चाहती हूं की भौतिक रूप से बदलाव आये। अच्छी बिल्डिंगें और रोड बने। काशी साफ़ और सुन्दर हो, लेकिन आध्यात्मिक रूप से हमारा पुराना कल्चर जो है वो सदैव ऐसा ही रहे, जो हमारी लिखाई पढ़ाई, आध्यात्मिक दर्शन और आदर और नेचर है वो हमेशा बना रहे है।” मनीषा कोइराला के अनुसार ”एक बनारसी, एक काशीवासी का व्यहवहार बहुत ही प्यारा, बहुत अच्छा होता है, वो हमेशा बना रहना चाहिए।”

#Metoo इम्पोर्टेन्ट मूवमेंट
मनीषा कोइराला से जब #Metoo पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह एक इम्पोर्टेन्ट मूवमेंट है, क्योंकि ये एक महिलाओं की सेफ्टी और सिक्योरिटी की बात है। उन्होंने कहा कि कोई भी लड़की जब पैदा होती है तब से लेकर आगे तक किसी न किसी रूप में उससे ज्‍याद्ती होती रहती है। किसी ने रस्ते में, पब्लिक ट्रासंपोर्ट में, स्कूल में, घर में, रिश्तेदारों के द्वारा जो मीटू प्रकरण सामने आ रहा है। इसमें सिर्फ औरतों को ही नहीं पुरुषों को भी साथ देनी चाहिए और इसको आगे लेकर जाना चाहिए लेकिन इसका दुरूपयोग नहीं होना चाहिए।

नहीं जाना है पॉलिटिक्स में अभी
नेपाल के की पूर्व प्रधानमंत्री की पोती मनीषा कोइराला से राजनीति में आने को लेकर प्रश्‍न किया गया तो उन्होंने कहा, ”जनसेवा ज़रूर करना चाहूंगी, जहां मुझे इतना प्यार और आदर मिला है, ये मेरा कर्तव्य बनता है। इसके लिए मैं राजनीती का रास्ता चुनूं यह नहीं हो सकता और हो भी सकता है तो अभी निकट भविष्य में ऐसी कोई संभावना नहीं है। पोलिटिकल रास्ता ना होने के बावजूद भी मैं अपना काम करती रहूंगी।”

विज्ञापन