नारस। डीएम सुरेंद्र सिंह ने बुधवार को प्रस्तावित लहरतारा-फुलवरिया फोर लेन मार्ग के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वरुणा नदी पर बन रहे पुल का निरीक्षण करने के पश्चात आगे मार्ग में बाधक बन रहे उन मकानों को भी देखा जो 87 परिवारों के द्वारा अवैध रुप से विगत 100 वर्ष पहले निर्माण कराया गया है।

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जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने निरीक्षण के दौरान सेतु निगम के अधिकारी से रेलवे गेट नं 5C पर बनने वाले आरओबी के निर्माण कार्य प्रारम्भ करने के बारे में पूछा तो बताया गया कि इन मकानों को तोड़े बिना निर्माण नहीं कराया जा सकता। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा समाधान निकालने के लिये मौके पर उपस्थित कर्नल आर एन मौर्या, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर, सेतु निगम व अन्य सम्बंधित अफसरों से बातचीत की।

वार्ता के अनुसार इस बात पर चर्चा हुई कि इस आबादी से अलग बी-1 श्रेणी की रक्षा भूमि है, जिसमें अंग्रेजों के जमाने की कब्रें स्थित हैं। इस कब्रिस्तान के अंदर से पुल निर्माण कराने के लिए 3250 स्कवायर मीटर अतिरिक्त ए-1 रक्षा भूमि की आवश्यकता होगी। इसपर अधिकारियों ने इसका प्रस्ताव बना कर तत्काल भेजने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने इस पुल के एलाइन्‍मेंट से पुल की लागत में होने वाली वृद्धि की गणना प्रस्तुत करने का सेतु निगम के अफसरों को निर्देश दिया है।

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