सिटिजन जर्नलिस्‍ट : केशव कुमार चौधरी (सारनाथ)

नारस। अक्‍सर रात के सन्‍नाटे में वाराणसी में हो रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करने वाले प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को क्‍या सबकुछ वैसा ही दिखाया जाता है, जैसा वो वास्‍तव में है। जी नहीं ! इस बात का गवाहा वाराणसी के सारनाथ इलाके का धर्मपाल रोड है।

विज्ञापन

बनारस में यहां है धर्मपाल रोड
जिन्‍हें नहीं पता उन्‍हें बता दें कि वाराणसी आने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों की एक बड़ी संख्‍या भगवान बुद्ध के धर्मचक्रप्रवर्तन (उपदेश) स्‍थली यानी सारनाथ जरूर पहुंचती है। यहां पहुंचने के लिये पर्यटकों को जिस मार्ग से गुजरना होता है तथा सारनाथ म्यूज़ियम से मुलगंध कुटी विहार मंदिर की तरफ जाने वाला मुख्‍य मार्ग ही धर्मपाल रोड कहलाता है।

अंधेरा ही अंधेरा
पिछले तीन महीने से शाम होते ही धर्मपाल रोड पूरी तरह से अंधेरे में डूब जाता है। मगर आपको ताज्‍जुब होगा कि हाल ही में जब मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने रात के वक्‍त इस सड़क का ”औचक निरीक्षण” किया था तब उन्‍हें दिखाने के लिये इस सड़क को रोशनी से जगमग कर दिया गया था। किंतु मुख्‍यमंत्री के जाते ही दुबारा इस रोड को अंधकार के आगोश में धकेल दिया गया।

बिजली विभाग की मेहरबानी से…
केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार वाराणसी की छवि सुधारने के लिए और विकास के नाम पर बनारस के साथ-साथ सारनाथ में करोड़ों रुपया खर्च करके कई कार्य करा रही है। मगर जमीनी हकीकत यह है कि जिस धर्मपाल रोड के रास्ते से रोजाना हजारों टूरिस्ट का आना जाना लगा रहता है वहां बिजली विभाग की मेहरबानी से एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं है।

कार्य सुस्‍त प्रगति पर है…
ऐसा इसलिये क्‍योंकि यहां ‘विकास’ कार्य सुस्‍त गति से प्रगति पर है। दरअसल, यहां पुराने लगे हुए बिजली के खंभे हटा दिये गये हैं, परंतु नये खंभों का कहीं अता-पता तक नहीं है। इसके चलते पिछले तीन महीने से इस रोड पर शाम ढलते ही घुप्‍प अंधेरा छा जाता है। ऐसे में यहां आने वाले पर्यटक खासकर विदेशी महिला-पुरुष मेहमानों का क्‍या हाल होता होगा, कोई भी आसानी से समझ सकता है।

लोग पहले हुए थे खुश, अब पीट रहे माथा
‘विकास’ के नाम पर धर्मपाल रोड पर लगे पुराने खंभों को जब हटाया जा रहा था तो लोगों में इस बात को लेकर खुशी थी कि अब इनके स्‍थान पर आईपीडीएस योजना के अंतर्गत आकर्षक हेरिटेज खंभे लगाये जाएंगे। मगर, हैरान करने वाली बात ये है कि तीन महीने हो जाने के बाद भी नये खंभों का दूर-दूरतक कहीं अता-पता नहीं है और नहीं तो पुराने वालों से जो रोशनी मिलती थी वो भी छिन गयी है। लिहाजा शाम होते ही असामाजिक तत्‍वों और शोहदों के लिये ये अंधेरी सड़क पूरी तरह से मुफीद हो चुकी है।

शिकायत करने से कुछ नहीं होता..
इस समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित विभाग से शिकायत भी की मगर विभाग अपनी ही सुस्‍त चाल में मस्‍त है। वैसे भी मुख्‍यमंत्री के दौरे वक्‍त इस रोड पर व्‍यवस्‍था चकाचक दिखायी जा चुकी है। टूरिस्‍ट आज आया है कल चला जाएगा, पब्‍लिक का क्‍या है झेल लेगी थोड़ा। वैसे भी झेल ही रही है।

देखें शाम के वक्‍त अंधेरे की आगोश में धर्मपाल रोड की तस्‍वीरें

 

विज्ञापन
Loading...
www.livevns.in का उद्देश्‍य अपनी खबरों के माध्‍यम से वाराणसी की जनता को सूचना देना, शि‍क्षि‍त करना, मनोरंजन करना और देश व समाज हित के प्रति जागरूक करना है। हम (www.livevns.in) ना तो कि‍सी राजनीति‍क शरण में कार्य करते हैं और ना ही हमारे कंटेंट के लिए कि‍सी व्‍यापारि‍क/राजनीतिक संगठन से कि‍सी भी प्रकार का फंड हमें मि‍लता है। वाराणसी जिले के कुछ युवा पत्रकारों द्वारा शुरू कि‍ये गये इस प्रोजेक्‍ट को भवि‍ष्‍य में और भी परि‍ष्‍कृत रूप देना हमारे लक्ष्‍यों में से एक है।