सस्‍पेंड कर्मचारी की मौत के बाद शव के साथ नगर निगम में परिजनों ने दिया धरना

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नारस। वाराणसी नगर निगम में कर निरीक्षक श्रेणी-2 के के पद पर नियुक्‍त तथा वर्तमान में काफी समय से निलम्‍बित चल रहे अखिलेश्वर प्रसाद सोनकर की कैंसर जैसी घातक बीमारी से मौत हो गयी। इसके बाद परिजनों ने नगर निगम आयुक्त कार्यालय के बाहर उनके शव को रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि 25 वर्ष नियमित कार्य सेवा लेने के बाद अखिलेश्वर प्रसाद सोनकर को पूर्व मुख्य नगर अधिकारी द्वारा निलंबित कर दिया गया था, परन्तु पुनः बहाली नहीं की गयी।

अखिल भारतीय सोनकर समाज के उपाध्‍यक्ष राजेन्‍द्र प्रताप सोनकर
पिता की मौत के बाद आक्रोशित पुत्र

परिजनों के अनुसार अखिलेश्वर प्रसाद सोनकर अपनी बहाली को लेकर काफी समय से नगर निगम के अधिकारियों की चौखट पर जूते घिस घिसकर थक गये थे लेकिन उन्‍हें बार-बार भगा दिया जाता था।

कर्मचारी की मौत के बाद नगर निगम में शव रखकर रोते-बिलखते परिजन

परिजनों की मानें तो बीते दिनों वाराणसी दौरे पर आये नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के पास भी वे गुहार लेकर पहुंचे थे। इसपर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने अखिलेश्वर प्रसाद सोनकर के द्वारा दी गयी अर्जी पर ”न्यायोचित कार्यवाही करें” लिखकर वाराणसी नगर आयुक्त के पास जाने की बात भी कह दी, परन्तु परिजनों ने बताया कि अपर नगर नगर आयुक्त के द्वारा उनकी कोई बात सुने बिना उन्हें वहां से भगा दिया गया।

इस मामले को अधिकारी के संज्ञान में लाते पाषर्दगण

फ़िलहाल मौके पर मौजूद अपर नगर आयुक्त ने इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है और परिजनों को शव के अंतिम संस्कार करने को कहा है।

अपन नगर आयुक्‍त के चेंबर के बाहर लगा उनके नाम का पट्ट

इधर घटना की जानकारी होते ही मौके पर पहुंचे क्षेत्र के सभासद और अखिल भारतीय सोनकर समाज के उपाध्‍यक्ष राजेंद्र प्रताप सोनकर ने कहा कि जब तक इनके परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह प्रदर्शन चलता रहेगा। राजेन्‍द्र सोनकर ने ये चेतावनी भी दी है कि अगर अखिलेश्‍वर प्रसाद सोनकर के परिजनों को न्‍याय नहीं मिलता है तो यहां पर उनके समाज के लोग उग्र भी हो सकते हैं जिसकी जिम्‍मेदारी सीधे-सीधे प्रशासन की होगी।

परिजनों को रोते-बिलखते देखते नगर निगम के कर्मचारीगण