नारस। प्रदेश के दो राजभर मंत्रियों के बीच ज़ुबानी जंग कोई नयी नहीं है। एक के बयान पर दूसरा ज़रूर पलटवार करता है। हाल ही में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा मंत्री अनिल राजभर को बच्चा, अशिक्षित और गंवार बताए जाने के जवाब में शनिवार को वाराणसी पहुंचे राज्य मंत्री अनिल राजभर ने अपनी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है।

राज्‍य मंत्री अनिल राजभर ने कहा है कि कैबिनेट मनिस्टर ओमप्रकाश राजभर समाज के लिए नहीं अपने हित के लिए राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो हमारे बड़े हैं मैं उनका आदर करता हूं पर उन्हें संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठना होगा।

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वहीं फरवरी में उद्धव ठाकरे द्वारा वाराणसी में रैली करने के सम्बन्ध में बात करते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि उद्धव ठाकरे की धार्मिक प्रवृत्ति कैसी है और उनका यूपी और बिहार के नागरिकों के प्रति कैसा बर्ताव है ये यहां की जनता को पता है। उनके आने से कोई फर्क नहीं पड़ता।

पिछले दिनों वाराणसी सर्किट हॉउस में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा राज्य मंत्री अनिल राजभर को बच्चा और गंवार बताये जाने पर पलटवार करते हुए राज्य मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि वो पहली बार मंत्री बने हैं और मैं दूसरी बार, दो बार मैं डिस्ट्रिक बोर्ड का मेंबर रहा। छात्र संघ का अध्यक्ष रह चुका हूं। मेरे पिता ने देश की सेवा फ़ौज में रहते हुए की और रिटायर होने के बाद दो बार विधायक रहकर समाज की सेवा की। राजनीतिक परिवार है मेरा, पर मैं इन सब बातों में नहीं पड़ना चाहता। वो हमारे बड़े हैं और उन्हें भी अच्छी सोच के साथ समाज के हित में राजनीति करनी चाहिए।

ओम प्रकाश राजभर निजी हित की कर रहे हैं राजनीति
अनिल राजभर ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा महाराजा सुहेलदेव के नाम पार डाक टिकट जारी होने के समय समारोह में ना जाने पर कैबिनेट मिनिस्टर ओमप्रकाश राजभर को अपने हित की राजनीति करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि एक अच्छे माहौल में राजनीति हो उसी में सबकी भलाई है, जिस समारोह में महाराजा सुहेलदेव को सम्मान मिला उसी में हम नहीं गए तो इसको और क्या समझा जाएगा। वो अपने हित की राजनीति कर रहे हैं।

समाज के लिए करना होगा कार्य
मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि आज भी राजभर समाज का 67 प्रतिशत हिस्सा मड़ई और झोपडी में है। एक जून की रोटी के लिए मोहताज है। बच्चे अशिक्षित हैं। हमें इसके बारे में मिल जुलकर सोचना होगा। समाज के लिए कार्य करना होगा, न कि अपने हित के लिए। हमने जिनके नाम पर राजनीति शुरू की थी उनके सम्मान पर राजनीति खोजना गलत है। इससे समाज का भला नहीं हो सकता है।

पूर्वांचल के गरीब भाजपा के साथ
राज्य मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि जहां तक राजभर समुदाय की बात है, कोई उहापोह नहीं है। साथ ही पूर्वांचल के गरीब राजभर, बिन्द, बियार, नोनिया, चौहान, केवट, मल्लाह, प्रजापति, कुम्हार, पाल, गड़ेरिया ये सबके सब गरीब भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं।

संस्कार की हो राजनीति
ओमप्रकाश राजभर द्वारा 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी के जवाब में बोलते हुए राज्य मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि भाजपा नफे और नुकसान की राजनीति नहीं करती। हम चाहते हैं कि हमारे जितने भी साथी हैं वो हमेशा हमारे साथ रहें। पिछले चुनाव में हम साथ आएं हैं हम लोग चाहते हैं की हम आगे भी बढ़ें साथ साथ, सम्मान और संस्कार की राजनीति में ही समाज की भलाई है। वो स्वतंत्र हैं किसी भी फैसले के लिए और पहले भी वो एकबार मुख्तार अंसारी के साथ और एक बार अकेले चुनाव लड़ चुके हैं, उसके परिणाम आप सबके सामने हैं।

ऐसे प्रोग्राम में बिन बुलाए आना चाहिए
ओमप्रकाश राजभर द्वारा गाजीपुर में आयोजित भाजपा की रैली में ना शामिल होने के जवाब में बोलते हुए मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि कैबिनेट मिनिस्टर ओमप्रकाश राजभर का कहना बिलकुल ठीक था, प्रोग्राम भारतीय जनता पार्टी का था, लेकिन जो विषय था वो बड़ा था। राजभर समाज के कुल गौरव हमारे महापुरुष, राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव के सम्मान का विषय था। ये ऐसा विषय था जिसमे यदि कोई हमें ना भी आमंत्रित करता तो हम बिना बुलाए चले जाते, लेकिन कोई बात नहीं उनकी अपनी स्वतंत्रता है उसपे हम कुछ कह नहीं सकते हैं।

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