नारस। जहां से गौतम बुद्ध ने पूरे विश्व को शांति-अहिंसा का मार्ग दिखाया आज उसी पुण्‍यभूमि सारनाथ के प्रवेश द्वार पर कूड़े और गंदगी का अंबार देखा जा सकता है। सरकार सारनाथ में बुद्ध सर्किट के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करके विकास कार्य करावा रही है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण आज भी यहां बदहाली ही दिखती है।

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कूड़ा घर का नहीं हुआ निर्माण
सरकार द्वारा करोड़ों खर्च करने के बाद भी सारनाथ क्षेत्र में नगर निगम द्वारा एक स्‍थाई कूड़ा घर का निर्माण तक नहीं हो सका है, जिस कारण सारनाथ क्षेत्र के कूड़े को महाराज सुहेलदेव के स्‍मारक के पास डंप किया जा रहा है। आपको बता दें कि यह वही स्‍थान है जहां से देसी-विदेशी पर्यटक सारनाथ घूमना शुरू करते हैं।

गंदगी से आती है बदबू
बता दें कि यहां से मात्र चंद कदम की दूरी पर ही सारनाथ का विशिष्ट स्मारक सीता रसोई स्थित है। इसी रास्ते से रोज काफी संख्‍या में देसी-विदेशी पर्यटक गुजरते हैं। इसके अलावा दिल्‍ली लखनऊ के मंत्री तथा शहर के बड़े अधिकारी भी इसी रास्‍ते से होकर सारनाथ पहुंचते हैं। अफसर तो बंद गाड़ियों में गुजर जाते हैं मगर देसी-विदेशी पर्यटक यहां से नाक पर रुमाल रखकर गुजरने को मजबूर हैं।

नगर निगम कर रहा लापरवाही
स्‍थानीय लोगों की मानें तो नगर निगम अपनी कमी छुपाने के लिए इस कूड़े के अंबार को सड़क की तरफ टिनशेड से घेर दिया है। हद तो तब हो जाती है जब कभी कभी कोई इस कूड़े के ढेर में आग लगा देता है। इसके चलते वि
षैली दुर्गंध युक्‍त धुआं पूरे क्षेत्र में फैल जाता है। स्‍थानीय लोगों ने इसकी शिकायत कई बार की मगर कोई नतीजा नहीं निकला।

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