प्रवासियों के लिये तैयार हो रही टेंट सिटी में बहुत कुछ है खास, साज-सज्‍जा में दिखेगा बनारसी लुक

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नारस। काशी को यदि किसी को समझाना है तो उसे गंगा घाटों के अवलोकन की ज़रुरत है। इन्ही घाटों पर रोज़ जवान और बूढ़ा होता हुआ वाराणसी उसे मिल जाएगा। इस चीज़ को ध्यान में रखते हुए 21 से 23 जनवरी तक काशी मेंआयोजित प्रवासी भारतीय सम्मलेन के लिए तैयार हो रही टेंट सिटी में काशी के घाटों की छठा उकेरी जा रही है।

काशी की संस्कृति की झलक देंगे टेंट
16 क्लस्टर में बन रही टेंट सिटी में तीन दिन के लिए आकर रहने वाले प्रवासी भारतीयों को इसी टेंट सिटी में काशी की महत्ता और बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद मिलेगा। टेंट सिटी में प्रवेश द्वारा से लेकर ऑडिटोरियम और सभी टेंटों में काशी की संस्कृति, गंगा घाट और गंगा आरती की झलक दिखाई देगी।

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नदियों के नाम पर होंगे टेंटों के नाम
इस टेंट सिटी में बन रहे टेंटों के नाम नदियों के नाम पर रखे जाएंगे। भारत में बहने वाली सभी नदियों का संगम इस टेंट सिटी में दिखाई देगा।

विश्वनाथ मंदिर का वर्चुअल मॉडल
टेंट सिटी में आईआईटी बीएचयू द्वारा तैयार किया गया वर्चुअल विश्वनाथ मंदिर का मॉडल प्रवासियों को बाबा विश्वनाथ की महत्ता का भान कराएगा। इस मॉडल से मेहमानों को काशी की कला और संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा।

राजमहल सरीखा स्वागत कक्ष
टेंट सिटी के स्वागत कक्ष को विशेष कलाकृति के साथ तैयार किया जा रहा है। बाहर से यह राजमहल जैसा लुक देगा। दूसरे टेंट में गंगा आरती, घाट, पानी में कलरव करते पक्षी, शिव के रूपों के साथ सजाया जा रहा है।

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