एयरपोर्ट लुक के साथ लोकार्पण को तैयार है वाराणसी का मंडुआडीह रेलवे स्टेशन

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नारस। साल 2014 में जब देश के नरेन्‍द्र मोदी को अपने सांसद के रूप में काशीवासियों ने चुना था, उसी समय यह तय हो गया था कि वाराणसी विकास के रथ पर सवार होकर पूरे देश की अगवानी करेगा। ऐसा हो भी रहा है। नित्य नयी योजनाएं और विकास के पथ पर काशी दौड़ने लगी है।

ऐसी ही एक योजना है मंडुआडीह रेलवे स्‍टेशन के नवनिर्मित भवन की जो अब लोकार्पण के लिये तैयार हो रही है। वाराणसी में स्‍थित पूर्वोत्‍तर रेलवे के मंडुआडीह स्टेशन का पश्चिम द्वार आप को किसी एयरपोर्ट पर आने जैसे अनुभूति कराने के लिए तैयार है।

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एयरपोर्ट के लाउंज में घुसते ही आप की थकान वहां की सफाई और शांत माहौल देखकर रफू चक्कर हो जाती है। ट्रेनों में सफर करने वाले भी ऐसे ही ऐसी लाउंज और शांत माहौल की कल्पना प्लेटफार्मों और रेलवे स्टेशन लाउंज पर करते हैं। इसी कल्पना को साकार करने के लिए वाराणसी में पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशन मंडुआडीह के पश्चिमी गेट को एयरपोर्ट इंट्रेंस लुक दिया जा रहा है। उम्मीद है कि बदलते बनारस की तस्वीर के लिए प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में बनारस आने वाले प्रवासियों को इसका भ्रमण कराया जाए।

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दो मंज़िला है ये इंट्रेंस
स्टेशन के सम्बन्ध में पूर्वोत्तर रेलवे के जनसम्पर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि मंडुआडीह स्टेशन का प्रथम गेट सिर्फ एक मंज़िला है पर उसकी सेकण्ड इंट्री को दो मंज़िला बनाया गया है। इसमें निचे के तल पर टिकट काउंटर है तो प्रथम तल पर कैफेटेरिया, रिटायरिंग रूम और अन्य सुविधाएं हैं।

भगवान् शिव की म्यूरल आर्ट कर रही स्वागत
इस गेट से जैसे ही यात्री इंट्री करेंगे उनका टिकट काउंटर के दूसरी तरफ़ा दीवार पर भगवान् शिव, सारनाथ, काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद, गंगा घाट की म्यूरल आर्ट यात्रियों का स्वागत करेगी।

एसी लाउंज
यात्रियों के लिए टिकट काउंटर लाउंज पूरी तरह से एसी बनाया जा रहा है। इसके अलावा स्टेशन पर 5 वातानुकूलित और 8 सामान्य रिटायरिंग रूम हैं। एक डोरमेट्री सामान्य होगी। परिसर में वीआईपी एंक्वायरी काउंटर भी होगा।

वाईफाई सुविधा से लैस
यात्रियों की सुविधा के लिए पूरा स्टेशन परिसर और यात्री लाउंज वाईफाई सुविधा से लैस होगा। यात्रियों को कसी भी तरीके की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होने में आसानी होगी।

सेकेण्ड फ्लोर पर फ़ूड प्लाज़ा
अशोक कुमार ने बताया कि दूसरे तल पर हाई-फाई फूड प्लाजा, कैफेटेरिया, रिटायरिंग रूम और डारमेट्री की सुविधा दी गयी है। इस स्टेशन के सेकेण्ड फ्लोर पर बैठकर यात्री अपनी ट्रेनों की जानकारी भी ले सकता है।

एल्यूमिनियम शीट से बनी हैं दीवारें
जनसम्पर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट की तरह मंडुआडीह का सेकेंड एंट्री का प्लेटफार्म पूरी तरह से कवर्ड होगा। इस तरह से कवर्ड प्लेटफार्म आसपास के स्टेशनों पर नहीं है। वहीं नयी बिल्डिंग की खासियत एसीपी (एल्यूमीनियम कंपोजिशन पैनल) तकनीक होगा। एल्यूमीनियम कंपोजिशन पैनल से दीवार और खंभों की फिनिशिंग की गई है। इसमें सीमेंट से प्लास्टर के बजाय एल्यूमीनियम की प्लेट लगाई गई है। इस तकनीकी से बिल्डिंग की उम्र सामान्य से कई गुना बढ़ जाती है। वहीं दीवारों के टूटने का खतरा नहीं रहता।

शिमला से आया है भाप इंजन
सर्कुलेटिंग एरिया का लुक बढ़ाने के लिए एक तालाब भी बनाया गया है, जिसके आसपास बैठने की चेयर भी बनाई गई है। इसके अलावा सर्कुलेटिंग एरिया का लुक बढ़ाने के लिए और रेलवे की विरासत से लोगों को रूबरू कराने के लिए एक हेरिटेज इंजन (भाप से चलने वाला) लगाया गया है। इस इंजन को खासतौर पर शिमला से मंगवाया गया है।

प्रधानमंत्री करेंगे लोकार्पण
विभागीय अधिकारियों की माने तो प्रवासी दिवस सम्मेलन के पहले इसका सभी कार्य पूरा करा लिया जाएगा और 18 जनवरी को प्रधानमंत्री इसका लोकार्पण कर सकते हैं। जनसम्पर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि चीज़ें फ़ाइनल टच में हैं। प्रवासी भारतीय दिवस के पहले सभी चीज़ें कम्प्लीट हो जाएँगी।

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