नारस। उत्तर प्रदेश सरकार और महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से आयोजित गीत रामायण में बतौर मुख्य अथिति पहुंचे सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने इस कार्यक्रम में शिरकत से पहले संस्कृत विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन को वाराणसी के लोगों के लिए एक बेहतरीन मौक़ा बताया। उन्होंने कहा की काशी वासी प्रवासी मेहमानों के लिए बेहतरीन व्यवस्था करेंगे।

वाराणसी पहुंचे राज्यपाल राम नाईक ने प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के विषय में कहा कि तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय सम्मेलन ना सिर्फ वाराणसी बल्कि पूरे देश की दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री थे तब इसकी शुरुआत हुई थी और दुनिया में जहां जहां भारतीय हैं उनको एक स्थान पर इकठ्ठा होकर विचारों को आदान प्रदान करने का एक सुनहरा मौक़ा होता है।

उन्होंने कहा कि मैं आशा करता हूं कि वाराणसी के लोग आने वाले मेहमानों के लिए बेहतरीन व्यवस्था करेंगे और प्रवासी भारतीय जब अपने देश वापस जाएंगे तो प्रसन्न मन से जाएंगे और वाराणसी में जो परिवर्तन और विकास हो रहा है उसकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे।

बता दें कि प्रवासी भारतीय सम्मेलन के अनितं दिन 23 जनवरी को प्रवासी मेहमानों के लिए आयोजित दोपहर भोज की मेजबानी स्वयं राज्यपाल राम नाईक करेंगे। इस दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी वाराणसी में रहंगे और प्रवासी भारती सम्मान एवार्ड देंगे साथ ही प्रवासियों को संबोधित भी करेंगे।