नारस। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आने वाले सभी बड़े रेलवे स्‍टेशनों का कायाकल्‍प भारतीय रेलवे करने जा रही है। पहली बार बनारस पहुंचे भारतीय रेलवे के सबसे बड़े अफसर यानी चेयरमैन रेलवे बोर्ड विनोद कुमार यादव ने ये जानकारी वाराणसी जंक्‍शन रेलवे स्‍टेशन पर मीडिया से बातचीत में दी है।

सबसे पहले मंडुआडीह स्‍टेशन का किया निरीक्षण
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन गुरुवार शाम प्रयागराज में कुंभ मेले में रेलवे की व्‍यवस्‍था का निरीक्षण करने के बाद विंडो ट्रेलिंग करते हुए रेलमार्ग से बनारस पहुंचे। यहां उन्‍होंने सबसे पहले मंडुआडीह स्‍टेशन के नये भवन का निरीक्षण किया और कार्य की गति और रूपरेखा देखकर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की। इसके बाद रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वाराणसी कैंट रेलवे स्‍टेशन पहुंचे। यहां भी उन्‍होंने प्‍लेटफॉर्म से लेकर फुटओवर ब्रिज तथा सर्कुलेटिंग एरिया और यात्री हॉल का निरीक्षण किया।

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कुंभ के लिये रेलवे ने की है विशेष तैयारी
बाद में मीडिया से बातचीत में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार सिंह ने बताया कि प्रयाग में लगने वाले कुंभ मेले को देखते हुए पूरे देश में 18 सौ विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। उनके अनुसार प्रमुख स्‍नान पर्वों पर 50 लाख से ज्‍यादा श्रद्धालुओं के प्रयाग आने की उम्‍मीद है, ऐसे में रेलवे की ओर से विशेष तैयारियां की गयी हैं।

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तो मंडुआडीह से भी भव्‍य बनेगा वाराणसी कैंट का सेंकेड इंट्री गेट
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी के स्‍टेश्‍नों के कायाकल्‍प को लेकर भारतीय रेलवे बेहद संजीदा है। अधिकारी के अनुसार मंडुआडीह रेलवे स्‍टेशन की तर्ज पर ही वाराणसी कैंट रेलवे स्‍टेशन पर भी सेकेंड इंट्री विकसित की जाएगी। इसकी अनुमानित लागत तकरीबन सवा दो सौ करोड़ आंकी गयी है। उन्‍होंने बताया कि 100 करोड़ रुपये की लागत से मंडुवाडीह, वाराणसी सिटी और सारनाथ रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है।

CRS निरीक्षण के बाद दौड़ेंगी इलेक्‍ट्रिक ट्रेन
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने ये भी बताया कि शुक्रवार को मंडुवाडीह से वाराणसी कैंट रेलवे स्‍टेशन के बीच सीआरएस निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद 17 और 18 तारीख को मंडुवाडीह से इलाहाबाद जंक्शन के बीच चल रहे इलेक्ट्रिफिकेशन के कार्य का सीआरएस निरीक्षण होगा। तपश्‍चात छपरा से इलाहाबाद और फिर नई दिल्ली के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन बेरोकटोक किया जा सकेगा।

सेफ्टी स्‍टैंडर्ड में हो रहे बदलाव इसलिये लेट हो रही ट्रेन 18
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने देश की सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेन 18 के वाराणसी से नई दिल्‍ली के बीच चलने को लेकर पूछे गये सवालों का भी जवाब दिया। उन्‍होंने बताया कि इस ट्रेन का संचालन वाराणसी से नई दिल्ली के बीच होगा। यह ट्रेन कब से चलेगी, इस संबंध में उन्‍होंने कहा कि जल्द ही इसकी डेट घोषित की जाएगी। उन्होंने कहा कि संरक्षा मानकों (सेफ्टी स्‍टैंडर्ड) के मद्देनजर ट्रेन-18 में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं। इसके पूरा होने के बाद इसके संचालन की तिथि घोषित कर दी जाएगी।

औडि़हार व जौनपुर के लिए चलेंगी मेमू ट्रेन
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने बताया कि वाराणसी से औडि़हार और वाराणसी से जौनपुर के बीच डबल लाइन का कार्य जल्द पूरा हो जाएगा। इन रूटों पर मेमू ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। उन्‍होंने बताया कि गाजीपुर में मेमू शेड भी तैयार किया जा रहा है।