नगर संवाददाता सचिन यादव की रिपोर्ट

नारस। मोदी-योगी सरकार मिलकर प्रवासी भारतीय दिवस की तैयारियाँ में जोर शोर से जुटी हुई हैं। शहर की साफ सफाई से लेकर यातायात तथा प्रवासियों की प्रत्येक सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। वहीं परेशान करने वाली बात ये है कि शहर के हृदयस्थली कहे जाने वाले दशाश्‍वमेध, गोदौलिया, गिरजाघर चौराहा से लेकर लक्‍सा तक सड़क पर मानसिक विक्षिप्‍तों की संख्‍या बढ़ती ही जा रही है।

स्‍थानीय लोगों की मानें तो इस इलाके में आये दिन नये-नये विक्षिप्त जाने कहां से आ रहे हैं, जिसपर शासन की कोई नज़र नहीं है। यही नहीं उनकी हरकतों से क्षेत्रीय लोगों के साथ-साथ बनारस आने वाले यात्रियों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। आये दिन ये विक्षिप्‍त राह चलते हुए किसी को भी ईंट-पत्थरों से मार देते हैं, तो कभी कीचड़ फेंक देते हैं।

इतना ही नहीं कुछ तो बीच सड़क लघुशंका करने लगते हैं तो कुछ उधर से गुजर रही महिलाओं को भद्दी-भद्दी गालियां देते और तंग करते हैं। राह चलते लोगों को अनाप शनाप बोलना और बीच सड़क उत्‍पात रोज की बात हो गयी है। इससे प्रतिदिन सड़क पर दुर्घटना की हालत पैदा हो जाती है। यही नहीं इस इलाके के स्‍कूली बच्‍चे भी इन विक्षिप्‍तों की वजह से डरे-सहमे होकर ही घर से निकलते हैं।

प्रशासन को इन विक्षिप्‍तों को लेकर जल्‍द से जल्‍द ध्‍यान देने की आवश्‍यक्‍ता है। जिससे ये सड़क पर किसी के लिये मुसीबत ना बनें साथ ही मानसिक चिकित्‍सालयों में इनके इलाज की व्‍यवस्‍था होनी चाहिए।

वहीं खबर लिखे जाने के तुरंत बाद वाराणसी पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जानकारी दी है कि इस मामले में दशाश्‍वमेध और लक्‍सा थाना प्रभारियों को कार्रवाई के लिये निर्देशित कर दिया गया है।

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