25 हजार का इनामी इमरान मुठभेड़ में गिरफ्तार, पुलिस टीम पर फायरिंग करके हुआ था फरार

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नारस। वाराणसी पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी। जिसमे कैंट पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ में 25 हजार इनामिया अभियुक्त इमरान को फुलवरिया क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार इनामिया अभियुक्त इमरान छत्तातले, थाना चौक का रहने वाला है, जिसके पास से पुलिस ने 1 पिस्टल .32 बोर, 2 जिन्दा कारतूस .32 बोर व 1 मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

बरामद पिस्टल

पिछले साल मुठभेड़ में हो गया था फरार
इस गिरफ्तारी के संबंध में एसएसपी आनंद राव कुलकर्णी ने बताया कि पिछले साल जुलाई में 15-15 हजार के दो इनामिया बदमाश क्राइम ब्रान्च द्वारा पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किये गये थे। इसमें शार्प शूटर कल्लू शर्मा व बीरू तिवारी शामिल रहे। वहीं सादिक, अभिषेक, इमरान व जावेद भागने में सफल रहे थे। 1 अगस्त को 15 हजार के इनामिया हत्यारोपी एवं असलहा तस्कर अभिषेक को भी क्राइम ब्रान्च द्वारा गिरफ्तार किया गया था।

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आज मुखबिर से मिली थी सूचना
एसएसपी ने बताया कि कैंट पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम नदेसर के पास नेहरू पार्क के पास अपराधियों की तलाश में मौजूद थे कि उसी समय मुखबिर से सूचना मिली कि पिछले दिनों पुलिस बल पर जान से मारने की नियत से फायर कर फरार हुये आसिफ अंसारी उर्फ पिंकू के चर्चित हत्या काण्ड से संबन्धित अभियुक्त आज कहीं भागने के फिराक में है। अगर जल्दी किया जाए तो इन्‍हें पकड़ा जा सकता है।

घेराबंदी करके पकड़ा गया इमरान
इस सूचना पर विश्वास कर तत्परता व तेजी दिखाते हुए मुखबीर के बताये हुए स्थान पर बढ़ते हुए पुलिस बल दो टीमों में बंटकर चारो तरफ से योजनाबद्ध तरीके घेरने व पकड़ने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालकर आगे बढ़ा गयी। इसी बीच क्रासिंग के पास अभियुक्त दिखाई दिया। इसपर पुलिस टीम ने अपनी जान को जोखिम में डालकर आत्मरक्षा करते हुए आवश्यक बल प्रयोग कर के अभियुक्त को पकड़ लिया गया।

अवैध असलहे का करता था धंधा
पुलिस की पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि हम लोग बिहार से अवैध शस्त्र कल्लू शर्मा व बीरू तिवारी से मंगाकर बेचने का धंधा करते हैं। हम लोग प्रिंस के साथ मिलकर भाड़े पर हत्या भी करते हैं। हमारे गैंग का लीडर अभिषेक सिंह उर्फ प्रिंस है, जो घटना करने से कुछ दिन पहले काली कोर्ट पहन कर दो-चार दिन पुलिस पर दबाव बनाने के लिए कचहरी में घूमता है, ताकि पुलिस को इसके काले धंधे के बारे में शक न हो। हम लोग पैसा देकर बिहार के मुंगेर से असलहा मंगाकर बनारस तथा उसके आस पास के जिलों में बेचते हैं और जो फायदा होता है उसमें हम सभी लोग आपस में बांट लेते हैं। पकड़े गये अभियुक्‍त ने बताया कि मुंगेर जिले के रंजेश व चंदन यादव से 13 हजार रुपये में असलहा खरीद कर यहां 25 से 30 हजार रुपये में हम बेचते हैं। यह काम हम लोग काफी दिनों से कर रहे हैं।

पिंकू अंसारी हत्याकांड में रहा शामिल
अभियुक्त ने बताया कि पिछले साल अभिषेक सिंह उर्फ प्रिंस के घर जो पिंकू अंसारी की हत्या हुई थी उसमें मैं भी अपने साथियों के साथ शामिल था। पिंकू अन्सारी की हत्या बिहार से असलहा लाकर बेचने व पैसे के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में हुई थी।

पुलिस पर फायरिंग करके हुए थे फरार
इमरान ने बताया कि अभिषेक सिंह उर्फ प्रिंस ने एक राजभर की जमीन सट्टा कराया था, जिसको लेकर बनियापुर रजनहिया के बिहारी यादव उर्फ भोली यादव से विवाद चल रहा है, जो बस चलाता है और सुबह करीब 6 बजे अपने घर से निकलकर कैंट जाता है। प्रिंस के कहने पर उसी की हत्या करने के लिए हम लोग 1 जुलाई को बनियापुर रजनहिया पुल के पास एकत्र हुए थे, इसी बीच पुलिस की गाड़ी दिख गयी। पुलिस ने जब हम लोग को रुकने का इशारा किया तो हमारी ओर से मारने की नीयत से फायरिंग की गयी और हम फरार हो गये थे।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में सब इंस्पेक्टर विक्रम सिंह (प्रभारी क्राइम ब्रान्च) सब इंस्पेक्टर प्रदीप यादव, हेड कॉन्स्टेबल सुमन्त सिंह, हेड कॉन्स्टेबल पुन्देव सिंह, हेड कॉन्स्टेबल सुरेन्द्र मौर्य, हेड कॉन्स्टेबल घनश्याम वर्मा, हेड कॉन्स्टेबल रामभवन यादव, हेड कॉन्स्टेबल रमेश तिवारी, हेड कॉन्स्टेबल श्याम लाल गुप्ता (सर्विलांस सेल), कॉन्स्टेबल रामबाबू, कॉन्स्टेबल चन्द्रसेन सिंह, कॉन्स्टेबल कुलदीप सिंह व कॉन्स्टेबल चालक सुनील राय। कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक विजय बहादुर सिंह, हेड कॉन्स्टेबल अनोज कुमार सिंह, कॉन्स्टेबल विकास कुमार, कॉन्स्टेबल सुनील कुमार राय, कॉन्स्टेबल चालक अमरनाथ कैंट पुलिस शामिल रही।

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