नारस। पुलिस और पब्लिक के बीच समन्वय बनाकर यूपी पुलिस अपराध के कम करने की बात कह रही है, लेकिन लगातार वाराणसी पुलिस अपराधियों के संपर्क में नज़र आ रही है। सितम्बर 2018 में पशु तस्करों के साथ सांठ गांठ के बाद एक बार फिर मिर्जामुराद थाने के कारख़ास द्वारा अपराधी से बात कर धारा कम करवाने के लिए पैसे मांगने का आडियो वायरल होते ही हडकंप मच गया। इस बात की जानकारी होते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मिर्जामुराद थाने पर तैनात दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

एक तरफ केंद्र व प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन की बात करती है।शहर में कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने का दावा करती है तो वहीं दूसरी ओर इनके ही मातहत इनके दावो का खोल खोल देते हैं। भले ही यह कहा जाता हो कि अब प्रदेश व शहर में भ्रष्टाचार खत्म हो गया है लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस इसके हकीकत की बानगी बयां करती है। एक तरफ सरकार व प्रशासन बेहद पुलिसिंग के लिए उन्हें कार्यशालाओं का आयोजन कराती है तो दूसरी तरफ पुलिसकर्मी स्वयं इसकी धज्जियां उड़ाते हैं।

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इसका जीता जागता उदाहरण तब मिला जब शुक्रवार की शाम सोशल मीडिया पर मिर्जामुराद थाने पर तैनात कारखास द्वारा अपराधी के ऊपर लगी धारा कम करवाने को लेकर पैसे की डिमांड की गयी। इस आडियों में पुलिसकर्मी अपराधी को अपने करीब भी बता रहा है।

विगत दिनों एसएसपी के यहां मिर्जामुराद के करसड़ा गांव निवासिनी रानी यादव पुत्री स्वर्गीय नंदलाल यादव ने मारपीट बदतमीजी के बाबत प्रार्थना पत्र देकर एसएसपी से व मिर्जामुराद पुलिस से अपने तीन सगे भाइयों समेत तीन पड़ोसियों के ऊपर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गुहार लगायी थी, जिसमें आरोपी सोनू गौड़ को मिर्जामुराद थाने पर तैनात कारखास गजराज पटेल ने फोन कर ₹12000 की बात करते हुए धारा कम करने की बात कही, जिसका एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ है।

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जानकारी के अनुसार यह वायरल आडियो मिर्जामुराद थाने के कारखास गजराज पटेल व आरोपी सोनू गौड़ के बीच पैसा लेनदेन का है। इस आडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही वाराणसी पुलिस विभाग में हडकंप मच गया। लोगों ने जब मिर्जामुराद एसो को फोन किया तो उन्होंने बताया कि वो ट्रेनिंग में गए हुए हैं। वहीं इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सुरेश राव आनंद कुलकर्णी ने देर रात मिर्जामुराद थाने पर तैनात दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

बता दें कि सितम्बर 2018 में मिर्जामुराद थाना में कारखास द्वारा पशु तस्करों से घूस मांगने का ऑडियो वायरल हुआ था जिसके बाद वायरल आडियो क्लिप को संज्ञान में लेकर एसएसपी आनन्द कुलकर्णी के निर्देश पर कारखास हैदर अली को जेल भेज दिया गया था। इसके अलावा दिसंबर 2018 में कैंट थाने के सिपाही को पशु तस्करों का साथ देने में STF ने पकड़ा था, लेकिन लगता है इस घटना से पुलिसकर्मियों ने सीख नहीं ली।

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