नारस। बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान ट्रामा सेन्टर स्थित शुश्रुत छात्रावास में नव निर्मित देश के प्रथम कौशल केन्द्र नेशनल इमरजेन्सी लाइफ सपोर्ट परिसर का उद्घाटन कुलपति प्रो राकेश भटनागर ने किया।

इस अवसर पर आयोजित समारोह में अपने विचार व्यक्त करते हुए कुलपति प्रो भटनागर ने इसे आकस्मिक चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े डाक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा पुलिस कर्मियो, यातायात कर्मियों तथा आम जनता को प्रशिक्षित करने की दिशा में मील का पत्थर बताया।

आम लोग करें अवलोकन
वही कुलपति ने कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि सप्ताह में एक या दो दिन आम लोग इसका अवलोकन करें तथा इस प्रकार सुविधा का लाभ प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय विद्यालयों के साथ-साथ आम लोगों को मिल सके। कुलपति जी ने इस प्रकार के पहल की शुरूआत पर हर्ष व्यक्त किया।

इस अवसर पर कुलगुरु प्रो वीके शुक्ला, चिकित्सा अधीक्षक प्रो विजय नाथ मिश्र ने भी अपने विचार रखे। प्रो मिश्रा ने स्मृति चिह्न भेटकर कुलपति को सम्मानित किया।

कौशल केन्द्र के आचार्य प्रभारी प्रो एस के0 माथुर ने बताया कि यह कौशल केंद्र मेडिकल के छात्रों तथा पैरामेडिकल व ट्रामा तथा आपात चिकित्सा से जुड़े कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए विभिन्न उपकरणों से सुसज्जित है।

मरीजों को मिलेगा तत्काल सुविधा
डॉ एस के माथुर ने बताया कि इस केंद्र में आकस्मिक चिकित्सा एवं आघात की स्थिति में तात्कालिक उपचार के लिए चिकित्सकों तथा विभिन्न श्रेणी के चिकित्सा कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

यह केंद्र उत्तर प्रदेश एवं निकटवर्ती राज्यों के स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के प्रशिक्षण के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा मिले अनुदान से ट्रामा सेंटर परिसर में स्थापित किया गया है।

मेके इन इंडिया के तहत कौशल केन्द्र की हुई स्थापना
इसके साथ ही प्रो माथुर ने बताया कि भारत में आपात चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु भारत सरकार ने मेक इन इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत ट्रामा एवं आपात चिकित्सा से जुड़े मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित करने के लिए कौशल केन्द्र की स्थापना करने की पहल की है।

देश का पहला है यह कौशल केंद्र
इस कार्यक्रम के तहत अभी तक भारत में चार सेंटर चिह्नित किये गये हैं। इसके अन्तर्गत आज यह पहला सेंटर आरम्भ हुआ है। इस सेंटर में 1.5 करोड़ की लागत से उपकरण मंगाए गए हैं। गत दिनों दिल्ली स्थित नेशनल इमरजेन्सी लाइफ सपोर्ट सेन्टर में बीएचयू के 12 चिकित्सकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया था।

डॉक्टरों ने किया ट्रायल
कुलपति को सर्जरी विभाग के डाॅ विवेक श्रीवास्तव सहित अन्य प्रशिक्षित विशेषज्ञों ने कृत्रिम रूप से मँगाएं गए पुतलों के उपर ट्रामा (आघात चिकित्सा) के उपरान्त बरती जाने वाली सावधानी तथा उपचार करने की विधियों का जीवंत प्रदर्शन करके दिखाया। इस मौके पर अनेक आधुनिक उपकरणों को भी दर्शाया गया।