नारस। 21 जनवरी से 23 जनवरी तक वाराणसी में होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस सम्मलेन में आने वाले मेहमानों को काशी के हर रुख से रूबरू करवाया जाएगा। टीएफसी में आयोजित होने वाले इस प्रोग्राम में काशी के साहित्य और संगीत घरानों और उनकी कला और साहित्य को मेहमानों के सामने प्रेज़ेंट किया जाएगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल की माने तो काशी के साहित्यकारों की रचना और काशी के संगीत घरानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वाद्य यंत्रों की एक प्रदर्शनी वहां लगाईं जाएगी।

रचना की प्रतिलिपि होगी मौजूद
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि पंडित दिन दयाल हस्तकला संकुल में प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के दौरान प्रवासी मेहमानों के लिए बहुत ख़ास चीज़ें स्टालों के माध्यम से प्रजेंट की जाएगी, जिसमे काशी के साहित्यकारों, चाहे वो जिस भी भाषा में लिखते रहे हों। उन सभी की एक एक मुख्य साहित्यिक रचना की प्रतिलिपि यहां प्रवासी भारतीय मेहमानों के अध्यन के लिए रखी जाएगी।

वाद्य यंत्रों की लगेगी प्रदर्शनी
काशी का संगीत घराना पूरे विश्व में अपनी छाप छोड़ चुका है। लोग काशी में आध्यात्म के साथ संगीत के भी दर्शन करने आते हैं। इस चीज़ को संज्ञान में रखते हुए प्रवासी भारतीय सम्मलेन के दौरान काशी के संगीत घरानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले पुराने से पुराने वाद्य यंत्रों की एक प्रदर्शनी लगाईं जाएगी। इसके अलावा भारतीय संगीत में इस्तेमाल होने वाले वाद्य यंत्र भी मौजूद रहेंगे। इसमें उनके इतिहास के बारे में भी लिखा जाएगा |

सुन सकेंगे उनकी आवाज़
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि हम ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं कि प्रवासी मेहमान अगर उन वाद्य यंत्रों की आवाज़ सुनना चाहेंगे तो उसके लिए भी स्टाल बनाया जाएगा, जहां वो हेडफोन का इस्तेमाल करके उन वाद्य यंत्रों की आवाज़ सुन सकेंगे।