BHU के आयुर्वेद संकाय में 31 साल बाद ‘वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ आयुर्वेद’ संगोष्ठी का होगा आयोजन

नारस। 31 साल के लम्बे अंतराल के बाद बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में ‘वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ आयुर्वेद’ संगोष्ठी का आयोजन 14 से 16 मार्च में आयोजित किया जाएगा।

आप को बता दें कि इसके पूर्व 1987 में प्रो एसएन त्रिपाठी पूर्व संकाय प्रमुख के कार्यकाल में इसका आयोजन प्रो. के. एन. उडुपा के देखरेख में आयोजित किया गया था।

देश विदेश के आयुर्वेद वैज्ञानिक लेंगे भाग
इसका मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद को वैज्ञानिक कसौटी पर खरा उतारते हुए विश्व पटल पर स्थापित करना है। इसमें बड़ी संख्या में विदेश एवं देश के वैज्ञानिक एवं चिकित्सक भाग ले रहे है।

तीन दिवसीय संगोष्ठी में होंगे 48 सत्र
इस तीन दिवसीय संगोष्ठी में 48 सत्र होंगे जो 12 विषयों पर आधारित है। इसमें 16 समानान्तर सत्र तथा हर विषय पर एक पैनल डिस्कसन होगा। इस संगोष्ठी मे इन्टीगे्रटीव मेडिसीन के प्रायोगिक एवं व्यवहारिक पक्षों पर चर्चा होगी तथा आयुर्वेद में शिक्षण प्रक्रिया में सुधार हेतु टेलीएजूकेशन एवं अन्य नयी विधाओं के समायोजन पर चर्चा की जायेगी।

होगा श्वेत पत्र जारी
इसके साथ ही संगोष्ठी में एक प्रमुख उद्देश्य आयुर्वेद के शिक्षा चिकित्सा प्रणाली एवं औषधियों का डब्ल्यूएचओ. एवं यूनाईटेड नेशन्स के उददेश्यों के मुताबिक अन्य देशों में प्रतिस्थापित हेतु एक एसओपी. एवं श्वेत पत्र जारी करने का प्रयास किया जायेगा।