नारस। गुरुवार को  डीएवी पीजी काॅलेज में तीन दिवसीय युवा महोत्सव ‘उड़ान-2019‘ का भव्य आगाज  हुआ। पहला दिन साहित्यिक प्रतियोगिताओं एवं नाट्य मंचन के नाम रहा।

पहला दिन साहित्यिक प्रतियोगिताओं एवं नाट्य मंचन के नाम रहा। जिसमें प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन कर सबको चकित कर दिया। काव्य पाठ में युवा कवियों ने बनारस, बसन्त, प्रकृति एवं बेटी जैसे विषयों पर मौलिक रचनाएं प्रस्तुत की।

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गीतों ने बांधा समा 
योगेश पाठक ने इन तंग गलियो की भीड़ में कही खोने लगा हूॅ, धीरे – धीरे बनारस मैं तेरा होने लगा हूं, प्रतीक आनन्द ने ‘बड़े दिनो से दिखी नही वो एक लड़की कि जिसका नाम है कुदरत‘, ऋषभ दूबे ने ‘मेरी बेटी जब तुम आओगी तो अकेली नही आओगी तुम‘, सर्वेशधर द्विवेदी ने ‘देखो – देखो ये बनारस मेरा यार हो गया‘, नीरज ने ‘किसी की गुड़िया, किसी की रानी है बेटी, मासूमियत की निशानी है बेटी‘ आदि सुनाकर हाॅल में उपस्थित श्रोताओं को भाव विह्वल कर दिया।

नाटकों का हुआ मंचन  
नाट्य मंचन में समाज की वर्तमान दशा पर केन्द्रित नाटको का मंचन किया गया। भारतेन्दू हरिश्चन्द्र द्वारा लिखित ‘अंधेर नगरी चैपट राजा‘ का भावपूर्ण मंचन किया। नाटक में शाकिर आलम ने राजा, शिवम गौड़ मंत्री, हर्षिता दासी, पंकज कल्लू बनिया, विकास सिंह ने गोवर्धन शिष्य का किरदार निभाया।

वही  दूसरे नाटक ‘पाकेटमार रंग मण्डल‘ में एक युवा पाकेटमार की कहानी का मंचन हुआ, जो थियेटर के जरिये अपनी कला की छाप दुनिया भर में छोड़ना चाहता है। प्रशान्त कुमार ने भगवान, हिमांशु ने बीरा और निधि ने नसरीन का किरदार निभाया। वही माइम में मोबाइल फोन के दुरूपयोग का दृश्य सजीव हुआ।

इसके अलावा पहले दिन सुभाषण हिन्दी, अंग्रेजी एवं संस्कृत, अंग्रेजी काव्यपाठ, टर्नकोट, वाद विवाद आदि प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ। जिसमें मृणालिनी, सिद्धी मिश्रा, रिद्धी शर्मा, विवेकानन्द, रजित चक्रवर्ती, वैभव आदि ने भाग लिया।

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