IIT BHU में बिताए दिनों की यादें ताजा करने गाजियाबाद से साईकल चला पहुंचा ये एलुमनाई

नारस। अपने जीवन के हर दिन सिर्फ एक घंटा यदि हम अपने शरीर के फिटनेस के लिए निकालें तो हम स्वास्थ्य रहंगे। इसी सन्देश के साथ बीएचयू आईआईटी के एलुमनाई अंशु अग्रवाल शताब्दी वर्ष उद्घाटन समारोह की पूर्व संध्या पर बीएचयू आईआईटी पहुंचे। अंशु इसके पहले साईकिल से जयपुर और शिमला तक की यात्रा कर चुके हैं और लोगों को अपनी फिटनेस के लिए जागरूक कर चुके हैं।

बिजी लाइफ में इंसान पाने शरीर के लिए वक़्त नहीं दे पाता है और बहुत जल्द ही खुद को कमज़ोर मान लेता है। इसी चीज़ को ख़त्म करने के लिए काशी हिन्दू विश्वद्यालय के भारतीय प्रद्योगिकी संस्थान से साल 1999 में इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट से पास आउट गाज़ियाबाद के अंशु अग्रवाल जो की साफ्टवेअर डेवलेपर हैं और उनकी कंपनी एजुकेशन को सपोर्ट करने वाले साफ्टवेअर डेवलप करती है, ने साइकिल से अपनी फिटनेस के लिए पहले एक जिले से दुसरे जिले में यात्रा की और फिर एक स्टेट से दुसरे स्टेट में यात्रा शुरू कर दी।

वर्षों से अपने विश्वविद्यालय में साईकिल से आने के ख्वाब बन रहे अंशु अग्रवाल आईआईटी बीएचयू के शताब्दी वर्ष समारोह के उद्घाटन की पूर्व संध्या पर वाराणसी पहुंचे और आज बीएचयू पहुँच गए। अंशु ने बताया कि मैंने फिटनेस के लिए यह साईकिल यात्रा शुरू की थी। अंशु अभी 42 साल के हैं। गाज़ियाबाद से वाराणसी के सफ़र के बारे में बात करते हुए अंशु ने बताया कि चार दिन में मैंने ये यात्रा पूरी की है।

अंशु अग्रवाल ने बताया कि बहुत दिनों से सपना था की अपने विश्विद्यालय साइकिल से चलूँ और शताब्दी वर्ष समारोह के शुरुआत की बात जैसे ही पता चली मैंने यहां साइकिल से आने की योजना बनानी शुरू कर दी। चार दिन पहले गाज़ियाबाद से चला था और रोज़ सुबह आठ बजे चल कर रात में 9 बजे तक यात्रा रोक कर होटल में आराम करता था।

वहीं प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र की सड़कों के साथ साथ उन्होंने उत्तर प्रदेश में सड़कों की तारीफ़ की और कहा कि सड़कें काफी अच्छी हो गई हैं। उत्तर प्रदेश बदल रहा है।