काशी के इस थाने की कमान खुद संभालते हैं बाबा काल भैरव, ये है इतिहास

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नारस। जिस तरह पुलिस विभाग में जनपद का एक कप्तान या एसपी या एसएसपी ही पूरे जिले में कानून-व्यवस्था को लागू कराता है, ठीक वैसे ही एक ऐसे देवता भी हैं, जिनको दंडाधिकारी या फिर पूरे जनपद के कोतवाल की उपाधि है। सुनने में भले ही ये अद्भूत लगे, लेकिन ये सच है। धर्म की नगरी काशी में एक देवता ऐसे भी विराजमान हैं, जिनके बगैर अनुमति के काशी में एक पत्ता तक नहीं हिल सकता और न ही कोई काशी में वास कर सकता है।

यहां बात हो रही हैं काशी के कोतवाल, बाबा काल भैरव की, जिनको ये जिम्मेदारी खुद देवादी देव शिव ने सौपी हैं। शिव के इस रौद्र रूप बाबा कालभैरव के पीछे की क्या हैं पौराणिक गाथा और आज भी इनका कितना हैं प्रभाव, इस बारे जानने के लिए पढ़ें ये स्टोरी

चौकने की जरूरत नहीं है….क्योंकि ये सच है कि ये वाराणसी का थाना कोतवाली है, न कि कालभैरव का मंदिर, लेकिन इस कोतवाली थाने में ऐसा कुछ जरूर है, जो हमें काल भैरव मंदिर जाने के पहले यहां अपनी ओर खीच लाया क्योंकि इसी कोतवाली थाना क्षेत्र में थाने से चंद कदम की दूरी पर ही कालभैरव का प्राचीन मंदिर स्थापित है और इतना ही नहीं, इस कोतवाली थाना क्षेत्र में कालभैरव के अलावा भी अन्य तीन भैरव मंदिर और स्थापित है, जिसमें से एक कोतवाली परिसर में ही क्षेत्रपाल भैरव का मंदिर है। इसके अलावा दंडपाणी भैरव और भूत भैरव का मंदिर कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थापित है।

थाने के गेट से अंदर की ओर जाते वक्त जब थाने की इमारत में प्रवेश किया गया तो दाहिने हाथ ही थाने के प्रभारी निरीक्षक का आफिस है लेकिन आफिस की मुख्य कुर्सी पर थाने के प्रभारी न बैठकर उस कुर्सी पर बाबा कालभैरव की तस्वीर विराजमान थी। इस बारे में कोतवाली थाने के प्रभारी निरीक्षक आशुतोष तिवारी ने बताया कि ऐसा परंपरा अनुसार चला आ रहा है क्योंकि बाबा कालभैरव को काशी के कोतवाल के रूप में जाना जाता है। इसलिए कोतवाली थाने की कुर्सी पर कोई और नहीं बैठ सकता।

कालभैरव में पुलिस विभाग खासकर कोतवाली थाने के प्रभारी की इतनी आस्था है कि उन्ही को साक्षी मानकर ही थाने के सभी काम संपादित होते हैं। यहीं वजह भी है कि काशी में ट्रांसफर या ड्यूटी के पहले आलाधिकारी से लेकर सरकार का अदना कर्मचारी भी कालभैरव का आर्शिवाद जरूर लेता है। रोज ड्यूटी पर आते ही सबसे पहले थाने का हर पुलिस वाला कालभैरव की पूजा करता है और पुष्प भी अर्पित करता है। कालभैरव की थाने में मौजूदगी का असर या यूँ कहे डर पुलिस वालों को भी रहता है कि किसी के साथ अन्याय न होने पाये, नहीं तो उन्हे कालभैरव जी के क्रोध का शिकार होना पड़ सकता है।