दोस्त ही निकला दोस्त की हत्‍या का आरोपी, हाथापाई के बाद ईंट से किये थे कई वार

नारस। 9 फरवरी को शहर के लंका थाना क्षेत्र में सत्कार ढाबे के पीछे निर्माणाधीन मकान में हुई छात्र की हत्या के मुख्य अभियुक्त छात्र के सहपाठी को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया अभियुक्त भी मृतक के साथ ही कक्षा 9 का छात्र था और 20 जनवरी से स्कूल नहीं जा रहा था। पुलिस के अनुसार हल्की कहासुनी के बाद मारपीट हुई थी दोनों के बीच जिसके बाद पत्थर से वार कर पकडे गए अभियुक्त ने सौरभ को घायल कर दिया था और मौके से भाग गया था।

ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान सौरभ की मृत्यू हो गई थी |

इस सम्बन्ध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि बीते दिनों लंका थानाक्षेत्र के वाराणसी – प्रयागराज बाईपास पर स्थित सत्कार ढाबे के पास एक निर्माणाधीन मकान में रोहनिया थानान्तर्गत माधोपुर ग्राम निवासी संजय कुमार सिंह का पुत्र सौरभ सिंह घायल अवस्था में मिला था। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे ट्रामा सेंटर पहुँचाया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

एसपी सिटी ने बताया कि इस प्रकरण में सौरभ सिंह के पिता संजय सिंह ने अपने पुत्र की हत्या के लिए ज़िम्मेदार मानते हुए सौरभ के एक सहपाठी सहित नवनीता पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य और दो अन्य के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करवाया था। इस सम्बन्ध में लंका थाने की पुलिस ने सभी पहलुओं पर जांच करते हुए और सर्विलांस की मदद से सौरभ की हत्‍या में आरोपित सहपाठी को गिरफ्तार कर लिया।

पकडे गए अभियुक्त ने बताया कि वो सौरभ के साथ ही कक्षा 9 में पढता था और 20 जनवरी से स्कूल नहीं जा रहा था। हत्या के दिन मेरी साईकिल पंक्चर हो गई थी और मै सत्कार ढाबे के पास खड़ा था। जब सौरभ आया तो हम दोनों सत्कार ढाबे से कुछ खाने पीने का सामान लेकर निर्माणाधीन मकान में चले गए। वहां किसी बात को लेकर कहासुनी हुई और फिर हाथा पाई और गाली गलौज हमारे और सौरभ के बीच होने लगा, जिसपर मैंने वहां पड़ी खाली बोतल से उसके सर पर वार कर दिया।

जिसके बाद सौरभ ने पत्थर उठाकर मुझे मारना चाह तो मैंने ईंट से लगातार दो तीन वार उसके सर पर कर दिए और उसे घायल अवस्था में छोड़कर वहां से भाग गया। एसपी सिटी ने बताया कि आरोपित अभी नाबालिग है। उसके पास से मृतक का मोबाइल भी बरामद किया गया है। इसके अलावा कालेज के प्रधानाचार्य और दो अन्य आदमियों की अभी तलाश की जा रही है। यदि उनकी भी इस काण्ड में संलिप्तता पाई जाएगी तो उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अभियुक्त को गिरफ्तार करने में प्रभारी निरीक्षक भारत भूषण तिवारी, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार सिंह, कांस्टेबल नरेन्द्र मोहन सिंह, कांस्टेबल राघवेन्द्र सिंह, कांस्टेबल कुलदीप मौर्या ने मुख्य भूमिका निभाई।