पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए बनारस और चंदौली के भी लाल !

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नारस। कश्‍मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्‍मद आतंकियों द्वारा किये गये कायराना आतंकी हमले में वाराणसी और चंदौली जिले के दो बेटों की वीरगति की दु:खद खबर आ रही है। इसमें वाराणसी के चौबेपुर थानान्‍तर्गत तोफापुर गांव के रमेश यादव और चंदौली जिले के पड़ाव के बहादुरपुर गांव के अवधेश यादव वीरगति को प्राप्‍त हुए हैं। हालांकि देर रात तक सीआरपीएफ अधिकारी नामों की पुष्‍टि नहीं कर रहे थे।

ओफ ! पहचान में नहीं आ रहे शव
सीआरपीएफ अफसरों के अनुसार हमले में बुरी तरह से क्षतिग्रस्‍त हो चुके जवानों के शव अभी पहचान में नहीं आ पाये हैं, इसलिये शहीदों की पहचान को लेकर ठीक-ठीक कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। अपुष्‍ट सूत्रों के अनुसार पुलवामा हमले में यूपी के चंदौली, वाराणसी, इलाहाबाद, शामली, आगरा, उन्‍नाव, कानपुर देहात और कन्‍नौज के बेटे शहीद हुए हैं।

39 शहीद, कई घायल
बता दें कि गुरुवार को कश्‍मीर के पुलवामा जिले में जैश-ए-मोहम्मद ने सुरक्षाबलों पर भीषण फिदायीन हमला किया है। हमले में सीआरपीएफ के 39 जवान शहीद बताये जा रहे हैं, कई अन्य बुरी तरह घायल हुए हैं।

100 किलो आईईडी से हमला
अधिकारियों के अनुसार जैश के आतंकवादी ने 100 किलो विस्फोटक से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों को ले जा रही बस को टक्कर मार दी, जिसमें कम से कम 39 जवान शहीद हो गये। यह 2016 में हुए उरी हमले के बाद सबसे भीषण आतंकवादी हमला है।

78 वाहनों के काफिले में ड्यूटी पर लौट रहे थे 2500 जवान
केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 2500 से अधिक कर्मी 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे। इनमें से अधिकतर अपनी छुट्टियां बिताने के बाद अपनी ड्यूटी पर लौट रहे थे। जम्मू कश्मीर राजमार्ग पर अवंतिपोरा इलाके में लाटूमोड पर इस काफिले पर अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे घात लगाकर हमला किया गया।

आतंकी आदिल कमांडो ने दिया अंजाम
पुलिस ने आत्मघाती हमला करने वाले वाहन को चलाने वाले आतंकवादी की पहचान पुलवामा के काकापोरा के रहने वाले आदिल अहमद उर्फ आदिल कमांडो के तौर पर की है। उन्होंने बताया कि आदिल 2018 में जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ था।

बस में मार दी सीधी टक्‍कर
मौके पर मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि आत्मघाती हमलावर उस वाहन को चला रहा था जिसमें 100 किग्रा विस्फोट रखा हुआ था। वह गलत दिशा में वाहन चला रहा था और उसने जिस बस पर सीधी टक्कर मारी उसमें 39 से 44 सुरक्षा कर्मी यात्रा कर रहे थे।

कोई जीवित नहीं बचा
अधिकारी के अनुसार, ‘‘बस में कोई जीवित नहीं बचा।’’ उन्होंने कहा कि अभी इस बात का सही ढंग से पता नहीं चल पाया है कि बस में कितने लोग सवार थे। अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ के 39 कर्मी शहीद हुए हैं और कुछ अन्य की हालत गंभीर है। उन्होंने घायल हुए लोगों की सही संख्या बताने से इंकार कर दिया।

हताहतों की वास्‍तविक संख्‍या बता पाना बहुत मुश्‍किल है
सुरक्षा प्रतिष्ठान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को दिल्ली में बताया, ‘‘शव इतनी बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके हैं कि चिकित्सकों के लिए हताहतों की वास्तविक संख्या बताना बहुत कठिन हो रहा है।’’ उन्होंने बताया कि आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्‍मद ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है। यह हमला श्रीनगर से करीब 30 किलोमीटर दूर हुआ है। विस्फोट में 20 से अधिक लोग घायल हो गये। धमाका इतना जबरदस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए और आस पास क्षत-विक्षत शवों को बिखरे देखा जा सकता है।

कुछ गोलियां भी चलायी गयी हैं
सीआरपीएफ के महानिदेशक आर आर भटनागर ने बताया, ‘‘यह एक विशाल काफिला था तथा करीब 2500 सुरक्षाकर्मी विभिन्न वाहनों में जा रहे थे। काफिले पर कुछ गोलियां भी चलायी गयी।’’

जम्‍मू से भोर में निकला था काफिला, शाम तक पहुंचना था श्रीनगर
यह काफिला जम्मू से तड़के साढ़े तीन बजे चला था और माना जा रहा था कि इसे सूर्यास्त तक श्रीनगर पहुंचना था। अधिकारियों ने बताया कि घाटी लौट रहे कर्मियों की संख्या अधिक थी क्योंकि राजमार्ग पर पिछले दो-तीन दिन से खराब मौसम और अन्य प्रशासनिक कारणों से कोई आवाजाही नहीं हो रही थी। आम तौर पर काफिले में करीब 1000 कर्मी चलते हैं किंतु इस बार कर्मियों की कुल संख्या 2547 थी।

शुक्रवार को एनआईए ओर एनएसजी पहुंचेगी पुलवामा
अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर मार्ग को परखने के लिए एक दल को तैनात किया गया था और काफिले में आतंक निरोधक बख्तरबंद वाहन मौजूद थे। फारेंसिक एवं बम विश्लेषक दल मौके पर पहुंच गये हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड का एक दल शुक्रवार को कश्मीर के लिए रवाना होगा ताकि जांच में मदद की जा सके।

जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस भी जांच में जुटी
अधिकारियों ने बताया कि हमले के केन्द्र में रही बस सीआरपीएफ की 76वीं बटालियन की थी और उसमें 39 कर्मी सवार थे। कश्मीर घाटी में सीआरपीएफ के महानिरीक्षक (अभियान) जुल्फिकार हसन ने इसे वाहन से किया गया हमला करार दिया और कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस ने मामले की जांच अपने हाथ में ली है।

घाटी में दूसरी बार हुआ कार बम से हमला
जम्मू कश्मीर विधानसभा पर 2001 में हुए आत्मघाती कार बम हमले के बाद इस तरह का यह दूसरा हमला है। इससे पहले वाले हमले में तीन आत्मघाती हमलावर सहित 41 लोग मारे गये थे। सितंबर 2016 में उरी सैन्य अड्डे पर जैश आतंकवादियों के हमले में सेना के 18 जवान शहीद हुए थे और कई अन्य घायल हो गये थे। इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी।

राष्‍ट्रपति-प्रधानमंत्री ने की कड़ी निंदा
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं ने सीआरपीएफ जवानों पर फिदायिन हमले की कड़ी भर्त्सना करते हुए इसे कायराना कृत्य बताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने साथ ही यह भी कहा है कि हमारे वीर सुरक्षा कर्मियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा। राष्ट्रपति कोविंद ने एक बयान में इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पूरा देश आतंकवाद एवं बुरी ताकतों के खिलाफ लड़ाई में एकजुट खड़ा है। उन्होंने इस हमले में घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

मोदी बोले व्‍यर्थ नहीं जाएगा बलिदान
प्रधानमंत्री मोदी ने हमले के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सीआरपीएफ कर्मियों पर हमला घृणित कृत्य है। ‘‘मैं इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करता हूं।’’ मोदी ने कहा, ‘‘ हमारे वीर सुरक्षा कर्मियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा।’’

राजनाथ ने मिलाया कश्‍मीर के राज्‍यपाल को फोन
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से बातचीत की और सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादियों के घातक हमले के बाद की राज्य की स्थिति का जायजा लिया। सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘‘(जम्मू कश्मीर के) पुलवामा में सीआरपीएफ पर आज का कायराना हमला बहुत ही पीड़ाजनक और विचलित कर देने वाला है। मैं सीआरपीएफ के हर उस जवान को नमन करता हूं जिसने देश की सेवा में अपनी जान कुर्बान की है।’’

रिजीजू ने कहा छोडेंगे नहीं, बदला लेंगे
गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने भी ट्वीट कर कहा कि जिम्मेदार लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा और “हर मुमकिन तरीके” से इसका बदला लिया जाएगा।

इसके अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केन्द्रीय मंत्री अरूण जेटली, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राकांपा प्रमुख शरद पवार, बसपा प्रमुख मायावती, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती तथा नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने इस आतंकी हमले की कड़ी भर्त्सना की है।