एयरपोर्ट पर फिर बिगड़ी विमान यात्री की हालत, शुक्र है मौजूद थे जिले के ये अधिकारी

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नारस। हाल ही में मेडिकल सुविधाओं के ना होने की वजह से वाराणसी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक टैक्सी ड्राइवर की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। रविवार की सुबह एक बार फिर ऐसे ही हालात बन गए थे पर वाराणसी एयरपोर्ट अपने रिश्तेदार को ड्राप करने पहुंचे जिला क्षय रोग अधिकारी डाक्टर राहुल सिंह ने यात्री की समय रहते मेडिकल सहायता देकर उसकी जान बचा ली।

रविवार की सुबह लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट फ्रांस का एक पर्यटक दल देहरादून जाने के लिए पहुंचा था। उसी दल में मौजूद एक युवती अचानक चक्कर खाकर फर्श पर गिर पड़ी। युवती के गिरते ही उसके साथ मौजूद लोग हेल्प-हेल्प की आवाज़ लगाने लगे। एक बार फिर एयरपोर्ट के मेडिकल इमरजेंसी में डाक्टर न होने की वजह से सुरक्षाकर्मियों ने एम्बुलेंस को फोन लगना शुरू कर दिया। इधर युवती दर्द से फर्श पर तड़प रही थी।

इसी दौरान अपने रिश्तेदार को एयरपोर्ट छोड़ने पहुंचे जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर राहुल सिंह ने युवती को देखा तो उसके पास आये। उसका चेकअप किया तो युवती का बीपी और पल्स तेजी से डाउन हो रहा था साथ ही उसका शुगर भी डाउन है। करीब आधे घण्टे तक युवती का मसाज किया व अपने से पास रखीं कुछ दवाइयां व चॉकलेट खिलाई। उसके बाद युवती पूरी तरह से स्वस्थ होकर डॉक्टर का धन्यवाद कर देहरादून जाने के लिए निकल गई।

डाक्टर राहुल के अनुसार युवती का शुगर इतना डाउन हो गया था कि और देर होती तो उसे ब्रेन हमेरेज या हार्ट अटैक आ सकता था और उसकी मौत भी हो सकती थी। बता दें की वाराणसी एयरपोर्ट पर हेरिटेज हास्पिटल की तरफ से एक मेडिकल इमरजेंसी (ME) संचालित है, जिसमे एक डाक्टर और एक कम्पाउंडर की ड्यूटी रहती है।

हाल ही में आज़मगढ़ के एक ड्राइवर की मौत से पहले तक यहां कोई डाक्टर नहीं थे। उस हादसे के बाद यहां डाक्टर तो नियुक्त हुए पर वो सुबह दस बजे आकर शाम 5 बजे वापस चले जाते हैं, जबकि विमानों का संचालन एयरपोर्ट पर सुबह 8 बजे से रात्री के 9 बजे तक होता है और आने वाले दिनों में यह 24 घंटे होने वाला है ऐसे में मेडिकल सेवा का यह हाल यात्रियों के दिल में असुविधा का भाव जगा सकता है।