वाराणसी में स्मृति ईरानी ने साधा कांग्रेस पर निशाना, कहा आधुनिक भारत को ‘जयचंदों’ से बचना होगा

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नारस। लोकसभा चुनाव के पहले अपने 11 करोड़ कार्यकर्ताओं से चुनाव संकल्प पत्र के लिए 7 हज़ार से अधिक सुझाव पेटी भाजपा के पदाधिकारी और केंद्रीय मंत्रियों कार्यकर्ताओं के बीच लेकर जा रहे हैं। उन्ही सुझाव पेटियों में से एक पेटी लेकर केन्द्रीय राज्य कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को वाराणसी पहुंची। उन्होंने प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में नाविकों, महिलाओं और प्रबुद्धजनो से मुलाक़ात कर भारत के मन की बात जानी और सुझाव लिए।

इस दौरान स्मृति ईरानी ने गुलाबबाग कार्यालय में प्रेस वार्ता कर कांग्रेस और गांधी परिवार को आड़े हांथ लिया तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की प्रेस कांफ्रेंस को 23 कट वाला बताया। उन्होंने कहा जितना मोदी जी ने पांच साल में अपने संसदीय क्षेत्र में किया है उतना एक परिवार ने अपने संसदीय क्षेत्र में जीवन बिताने के बाद भी नहीं किया है।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पुलवामा मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि बनारस के सांसद और प्रधान सेवक ने स्वयं ही घोषणा की कि पुलवामा की घटना के बाद भारत की सेना स्वतंत्र है कोई भी एक्शन लेने के लिए कल भारतीय सेना की जो प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई उसको आपके ध्यान आकर्षित करना चाहूंगी की सेना ने कहा मात्र 100 घंटे की जैश ए मोहमद की लीडरशिप को घाटी में समाप्त कर दिया गया है । यह अभी आह्वान हुआ है आर्मी के माध्यम से कि जिन लोगों की आतंक फैलाने की मंशा है वह सरकार की सरेंडर पॉलिसी के तहत सरेंडर कर दें ना करने पर भारत की सेना सक्षम है ऐसे लोगों को ठिकाने पहुंचाने के लिए ।

स्मृति ईरानी ने याद दिलाते हुए कहा कि आपको याद होगा कि पाकिस्तान के पास मोस्ट फॉरवर्ड नेशन की सुविधा 90 के दशक से थी। वह प्रधानमंत्री के आदेश के बाद समाप्त कर ली गई, जो लोग भारत को आतंकित करने का प्रयास करते थे जो लोग प्रदेश सरकार से सिक्योरिटी प्राप्त कर रहे थे उन लोगों से भी वह हटा ली गई है ।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की प्रेस कांफ्रेंस के बाद पकिस्तान के लेकिन एक हज़ार कट की बात करने वाले इमरान खान बिना 23 कट के प्रेस कांफ्रेंस भी नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि मेरा तो इतना मानना है कि हिंदुस्तान की आवाम और जनता को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना के जौहर में और क्षमता में पूर्ण विश्वास है और इंसाफ तक इन लोगों को पहुंचाया जाएगा जैसा कि प्रधानमंत्री जी ने कहा अगले ही दिन कहा था कि जिन लोगों ने यह हत्या कांड किया उन्हें उनकी बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि डिप्लोमेटिक रूप से और आर्मी की तरफ से जो जो कदम उठाए जा रहे हैं आर्मी और मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर उस पर विस्तृत जानकारी देगी । वह लोग जो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अपना दोस्त बताते हैं वह लोग जो अपने ठहाके लगाते हैं और पाकिस्तान का दोष नही देखते हैं । ऐसे आधुनिक भारत के जयचन्दों के बारे में भारत की जनता क्या इमोशन रखती है यह भारत की जनता स्वयं बता सकती है। मै एक हिंदुस्तानी होने के नाते इतना कह सकती हूं कि जब भारतीय सेना और सुरक्षा बल तैनात हो एक एक पाकिस्तानी जो हिंदुस्तान में खराब मंशा के साथ आया उसे इंसाफ तक पहुचाया जाए जब हमारे शूर वीरों की पत्नियां खून के आंसू रो रही हैं ऐसे में खेल का ख्याल किसी को नहीं आना चाहिए ।

वाराणसी में पुलवामा हमले पर स्मृति ईरानी ने कहा कि भारतीय सेना के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का बयान आना उस बयान में पुलवामा में शहीद हुए उन के संदर्भ में शहीदों को श्रद्धांजलि ना देना अपने आप में जले पर नमक छिड़कने वाली बात है। 26 / 11 का जब आतंकी हमला हुआ था तब भी प्रमाण दिया गया था। तब क्या उन लोगो को मौत के घाट उतारा गया और लोगों को इंसाफ दिलाया गया ? भारतीय सेना के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पाकिस्तान की सरकार ने किस प्रकार से भूचाल आया है भारत की क्षमता का वह सबसे बड़ी क्षमता का प्रमाण है ।