नारस। बाबा भोलेनाथ की नगरी में इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व ख़ास होगा। कुम्भ के बाद 27 फरवरी से लेकर 4 मार्च महाशिवरात्रि तक आस्था के अखाड़ों की पेशवाई जुलूस निकलेगी। इस सम्बन्ध में जूना अखाड़े के संतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह से मिलकर हनुमान घाट से बैजनत्‍था स्थित जपेश्‍वर महादेव मंदिर तक पेशवाई निकलने के बारे के जानकारी भी दी है। यह सबसे बड़ी और काशी में पहली पेशवाई होगी इसबार की।

सदानीरा में शाही स्नान के बाद सन्यासी और नागा साधु, बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजरी भी लगायेंगे।

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14 जनवरी से शुरू हुआ कुम्भ महापर्व अब ख़त्म होने को है। इसके साथ ही कुम्भ के उलट प्रवाह से काशी में अखाड़ों की रौनक लौट आई है। घाटों पर सन्यासियों और नागा साधुओं का रेला दिखाई देना लगा है। इन सब के बीच अखाड़ों की पेशवाई जुलूस भी 27 फरवरी से महाशिवरात्रि तक होने वाला है। इसके लिए अखाड़ों ने शहर में अलग अलग जगह डेरा डाल रखा है।

आवाहन अखाड़े के नागा सन्यासियों के दल ने कबीरचौरा क्षेत्र के औघड़नाथ तकिया मठ में स्थान लिया हुआ है। वहीं सबसे बड़े जूना अखाड़े के सन्यासियों ने हनुमान घाट स्थित मठ में डेरा जमाया है। इसके अलावा गंगा घाटों पर तंबुओं में भी बड़ी संख्‍या में नागा साधु धूनी रमाए हैं। जूना अखाड़ा की आंतरिक कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार अखाड़े के नागा साधुओं की पेशवाई 27 फरवरी को निकाली जाएगी।

वहीं महाशिवरात्रि पर शाही स्‍नान चार मार्च को हनुमान घाट पर होगा। इस सम्बन्ध में जूना अखाड़े के एक दल ने जिलाधिकारी से मिलकर पेशवाई के बारे में अवगत करवाया है।

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