जहरखुरानी के शिकार युवक के लिये मंडुआडीह स्टेशन प्रशासन ने न बुलाई एम्‍बुलेंस न दिया व्‍हील चेयर

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नारस। भारतीय रेलवे की ओर से यात्रियों को ट्रेन में अक्‍सर होने वाली जहरखुरानी से बचने को लेकर दिशा निर्देश दिये जाते हैं, मगर फिर भी रोज कई यात्री जहरखुरानों के चुंगल में फंसकर अपना सामन तो गंवाते ही हैं साथ ही साथ अपनी जिंदगी भी दांव पर लगा देते हैं।

ऐसा ही एक मामला मंडुआडीह स्‍टेशन पर देखने को मिला। जहां प्रयागराज से परीक्षा देकर लौट रहा युवक जहरखुरानी का शिकार बन बैठा। वहीं सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि जहरखुरानी का शिकार बने युवक को मंडुआडीह स्‍टेशन प्रबंधन की ओर से कोई मदद नहीं की गयी।

प्रयागराज से परीक्षा देकर इलाहाबाद पैसेंजर ट्रेन से लौट रहे वाराणसी के फुलवरिया निवासी 24 वर्षीय युवक शुभम पाण्डेय जहरखुरानी का शिकार हो गया। इस बात की जानकारी ट्रेन के मंडुआडीह स्टेशन पर आने पर लगी। युवक यहां विक्षिप्त अवस्था में पंहुचा। जिसके बाद जीआरपी ने उसके परिजनों को किसी प्रकार सूचित किया।

नहीं दी गयी एम्बुलेंस सेवा

जीआरपी की सूचना पर मंडुआडीह स्‍टेशन पंहुचे युवक के परिजनों ने जब इस बाबत स्टेशन मास्टर से मदद की गुहार लगायी तो उनका रवैया अमानवीय रहा। परिजनों के अनुसार उन्‍होंने स्‍टेशन मास्‍टर से अनुरोध किया कि वे एक एम्बुलेंस मंगा दें, तो उन्‍होंने अपना पल्‍ला झाड़ लिया और दो घंटे इंतजार करने के लिये कहकर टाल दिया।

व्हील चेयर देने से भी किया इंकार

इधर युवक की हालत बिगड़ती देख परिजनों द्वारा जब स्‍टेशन मास्‍टर से व्हीलचेयर या स्ट्रेचर मांगा गया तो स्टेशन मास्टर ने फिर से इनकार कर दिया। परिजनों के अनुसार स्‍टेशन मास्‍टर ने कहा की उनके पास ऐसी कोई सुविधा उपलब्‍ध नहीं है, जबकि हर स्‍टेशन पर व्‍हीलचेयर की सुविधा अनिवार्य होती है।

इसके बाद निराश परिजनों ने किसी प्रकार युवक को टांगकर निजी साधन द्वारा एक प्राइवेट अस्‍पताल लेकर गये। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

परिजनों के अनुसार फिलहाल वे अपने बच्‍चे की तबियत को लेकर फिक्रमंद हैं और इस मंडुआडीह स्‍टेशन मास्‍टर की शिकायत वो रेलमंत्री सहित रेलवे के आलाधिकारियों को चिट्ठी लिखकर करेंगे।