नारस। पिछले कई दिनों से आंदोलन और अराजकता का अड्डा बने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, यूपी कालेज और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालयों में होने वाले आंदोलनों की रोकथाम के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेश राव आनंद कुलकर्णी के आदेश पर वाराणसी पुलिस ने इन आन्दोलनों को हवा देने वाले मठाधीशों की ‘जन्म कुंडली’ तैयार की है। कुल 74 पूर्व छात्रों की लिस्ट इस जन्म कुंडली में तैयार हुई है।

वाराणसी पुलिस के अनुसार ये पूर्व छात्र ठेकेदारी और पैसे के नाम पर छात्रों से कैम्पस में अराजकता फैलवाते हैं। इनका पठन-पाठन से कोई मतलब नहीं होता पर फिर भी ये दिन भर कैम्पस में ही रहते हैं।

24 और 25 फरवरी को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में छात्र गुटों में वर्चस्व की लड़ाई और पुराने रंजीश को लेकर दो हॉस्टलों में जमकर मारपीट हुई। वहीं 24 फरवरी को छात्रों ने यूपी कालेज के कैम्पस के अंदर ही एक छात्र के ऊपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी। इन दोनों प्रकरणों में शिवपुर और लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

वाराणसी पुलिस इसकी वजह तलाश ही रही थी कि आखिर कि एका एक विद्यालय में अराजकता का माहौल कैसे बन जाता है। इसकी पड़ताल जब वाराणसी पुलिस ने की तो 30 पूर्व छात्र यूपी कालेज के, 25 पूर्व छात्र काशी विद्यापीठ के और 19 पूर्व छात्र काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के चिन्हित हुए हैं, जिनकी मठाधीशी में छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है।

इस सम्बन्ध में एसएसपी सुरेश राव आनंद कुलकर्णी ने बताया कि शैक्षिणिक माहौल खराब करने वाले चिन्हित पूर्व छात्रों की गतिविधियों पर सम्बंधित थाने को निगरानी रखने के लिए निर्देशित किया गया है, जल्द ऐसे अराजकतत्वों को पाबन्द किया जाएगा।