नारस। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शुरू होने वाली शास्त्री-आचार्य की परीक्षा में इस वर्ष 60 हज़ार परीक्षार्थी शामिल होंगे। यह परीक्षा 28 मार्च से विश्वविद्यालय सम्पन करवाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा की तैयारी तेज कर दी है। इस क्रम में सादी उत्तर पुस्तिकाओं व प्रश्नपत्रों के मुद्रण की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बार भी प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय की ही प्रेस में छापा जाएगा।

परीक्षा नियंत्रक विशेश्वर कुमार ने बताया कि इस परीक्षा में शामिल होने के लिए 7 मार्च तक अभ्यर्थी परीक्षा फार्म भर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कुलपति प्रोफ़ेसर राजाराम शुक्ल ने केंद्र निर्धारण के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। इस बार छात्राओं को स्वकेंद्र देने पर भी विचार किया जा रहा है। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि संबद्ध कालेजों के संस्थागत व व्यक्तिगत परीक्षार्थी अब शास्त्र-आचार्य का परीक्षा फार्म सात मार्च तक भर सकते हैं। व्यक्तिगत परीक्षार्थी चालान के माध्यम से परीक्षा शुल्क छह मार्च तक जमा कर सकते हैं। पहले परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि 26 फरवरी निर्धारित की गई थी।

उन्होंने बताया कि परीक्षा दो पालियों में होगी। इसमें प्रथम पाली, सुबह सात बजे से दस बजे तक : शास्त्री प्रथम व तृतीय खंड की परीक्षा होगी। जबकि, द्वितीय पाली में दोपहर दो से शाम पांच बजे तक शास्त्री द्वितीय खंड, आचार्य प्रथम खंड बैक, आचार्य द्वितीय सेमेस्टर व द्वितीय खंड की परीक्षा करायी जाएगी।