नारस। विश्व महिला दिवस आठ मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के शिलान्यास के लिए वाराणसी आ रहे हैं। साथ ही वो स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद भी करेंगे। ऐसे में बनारसी हस्तशिल्प की पुरानी परम्परा के अनुसार इस बार भी बनारस के हस्तशिल्प की नायाब कला प्रधानमन्त्री को भेंट स्वरुप सौंपने की तैयारी है।

जीआई विशेषज्ञ डॉ रजनीकांत के निर्देशन में मास्टर ट्रेनर शादाब आलम के कुशल निरिक्षण में चांदपुर के स्वयं सहायता समूह की मुस्लिम महिलाओं ने ज़रदोज़ी से अंगवस्त्रम तैयार किया है। यह अंगवस्त्रम मुस्लिम महिलाएं प्रधानमंत्री को भेंट करना चाहती हैं।

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बनारस के इतिहास में पहली बार श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का स्वर्ण शिखर को संस्था ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन के सहयोग से प्रोत्साहित चंदापुर के स्वयं सहायता समूह की मुस्लिम महिलाओं ने जरदोजी की कलाओं से अंगवस्त्रम पर उकेर दिया है, जो बनारस के हस्तशिल्प का एक नायाब नमूना है और उन्होंने इच्छा व्यक्त की है कि 8 मार्च अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का कारीडोर का शिलान्यास करें तो इसी जरदोजी के अंगवस्त्रम को उनकोि भेंट किया जाए।

जीआई विशेषज्ञ डाॅ रजनीकान्त ने बताया कि इसी प्रकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लोगो और उसके नाम को कैलीग्राफी विधि से आरी तकनीकि के द्वारा हैण्ड इम्ब्रायडरी करके अंगवस्त्रम तैयार किया जा रहा है, जिसे भी प्रधानमंत्री को समस्त महिलाओं की तरफ से दीनदयाल हस्तकला संकुल, बड़ालालपुर, में आयोजन के समय दिया जाएगा, जिससे काशी सहित प्रदेश की समस्त महिलाओं का गौरव बढ़ेगा।

उन्होंने बताया कि चूॅकि प्रधानमंत्री इस बार अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण हेतु महिला स्वयं समूहो को सम्बोधित कर उत्साहवर्धन करेंगे, इसी कारण से इस बार स्मृतिचिन्ह एवं अंगवस्त्रम इन्हीं महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किया जा रहा है और यही सामाजिक तानाबाना काशी की समृद्ध परम्परा का अह्म हिस्सा है जिस पर पूरी दुनिया नाज करती है।

उन्होंब बताया कि इस अंगवस्त्रम में काशी विश्वनाथ मंदिर स्वर्ण शिखर की जरदोजी शिल्पकार मदीना बीबी एवं अफसाना तथा आजीविका मिशन के अंगवस्त्रम को तरन्नुम, दिव्या, रेशमा, आफरीन ने तैयार किया है।

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