नारस। बुधवार को जिस युवती को मडुवाडीह इलाके स्तिथ रेड लाइट एरिया से आजाद कराया गया था, उस मामले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले तथ्य सामने आये हैं। आठ-नौ साल पहले जब युवती 12 वर्ष की थी तो उसके मौसा ने ही उसे बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया था। इसके बाद उसने पैसों के लालच में मासूम को जिस्मफरोशों के हवाले कर दिया था। तब से वह इस नर्क को भोग रही थी।

सीओ भेलूपुर अनिल कुमार ने बताया कि युवती द्वारा अपने अपहरण और रेड लाइट एरिया तक पहुंचने की दास्तान बताने के बाद इस मामले में आरोपी उसके मौसा की तलाश हो रही है। उन्होंने बताया कि एक टीम बनाकर उसके गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।  इस मामले में वाराणसी के एसपी क्राइम ज्ञानेन्‍द्र प्रसाद ने बताया कि वाराणसी पुलिस को पत्र लिखकर चंदौली के कमालपुर निवासी एक दम्‍पति ने इस बाबत गुहार लगायी थी।

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दम्‍पति के लिखे पत्र के अनुसार 8-9 साल पहले उनकी 12 वर्षीय बेटी घर के बाहर से खेलते वक्‍त गायब हो गयी थी, जिसकी कई जगह तलाश की गई मगर वो नहीं मिली। 8-9 साल बीत जाने के बाद उनके एक रिश्‍तेदार ने ये सूचना दी कि आपकी बेटी मंडुआडीह के शिवदासपुर स्‍थित रेड लाइट एरिया के एक कोठे में कैद है।

दम्‍पति ने इसके बाद अपने दूसरे रिश्‍तेदार को ग्राहक बना के बताये गये कोठे में भेजा और युवती की तस्‍वीर खिंचवाई तथा वीडियो भी बनवाया। आश्‍वस्‍त हो जाने के बाद कि ये युवती उनकी ही खोई हुई बेटी है, तो दम्‍पति ने वाराणसी पुलिस से अपनी बेटी को कोठे के चुंगल से छुड़ाने की गुहार लगाई थी।

दम्‍पति की गुहार के बाद बुधवार को वाराणसी पुलिस की क्राइम ब्रांच, मंडुआडीह थाना और महिला थाने की पुलिस टीम ने संयुक्‍त कार्रवाई करते हुए शिवदासपुर स्‍थित एक मकान में छापेमारी की और यहां से युवती को मुक्‍त कराया है। पुलिस ने इस मकान से दो पुरुषों सहित तकरीबन आधा दर्जन महिलाओं को हिरासत में ले लिया है।

इस छापेमारी में क्राइम ब्रांच प्रभारी सब इंस्‍पेक्‍टर विक्रम सिंह, कुलदीप सिंह, सुरेंद्र मौर्या, कांस्टेबल सुमंत सिंह, कांस्टेबल रामबाबू, कांस्टेबल घनश्याम वर्मा, कांस्टेबल पुनदेव सिंह, कुलदीप व उपनिरीक्षक प्रदीप सिंह के अलावा मंडुआडीह थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संजय त्रिपाठी, चौकी प्रभारी डीएलडब्लू राघवेंद्र बहादुर सिंह, एसआई राम सरीख गौतम, एसआई अमित कुमार सिंह एवं एसआई लक्ष्मण यादव ने मुख्य भूमिका निभाई।

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