नारस। मां गंगा के पावन तट पर प्राचीनतम नगरी काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की सुविधा के दृष्टिगत श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के अंतर्गत विशाल कॉरिडोर का निर्माण कार्य कराया जाना है। इस निर्माण कार्य का शिलान्यास शुक्रवार को विधि विधान से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। साल 1780 में इंदौर की महारानी अहिल्या बाई होल्कर द्वारा कराए गए 200 बाई 200 फिट के जीर्णोद्वार कार्य के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 239 साल बाद पहले शासक बने हैं जिन्होंने बाबा विश्वनाथ के प्रांगण में जिर्णोद्वार कार्य शुरू करवाया है।

विज्ञापन

बता दें की राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा भी वर्ष 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में अपने उद्बोधन में काशी में आने वाले दर्शनार्थियों एवं श्रद्धालुओं के मंदिर दर्शन हेतु संकीर्ण गलियों का उल्लेख किया गया था। वर्तमान में लगभग 100 वर्षों के पश्चात मंदिर की महिमा एवं वैभव को और प्रखर करने के लिए संकल्पित होकर यह नवनिर्माण कराया जा रहा है।

विश्वनाथ धाम कॉरिडोर परियोजना के बारे में बात करते हुए सीईओ विशाल सिंह ने बताया कि परियोजना का कुल क्षेत्रफल 39310.00 वर्ग मीटर है। जिसके अंतर्गत कुल 296 आवासीय/व्यावसायिक/सेवईत/न्यास इत्यादि भवन है। अब तक कुल 238 भवन खरीदे जा चुके हैं, जिनके ध्वस्तीकरण के बाद परियोजना के अंतर्गत लगभग 21505.92 वर्ग मीटर क्षेत्रफल उपलब्ध हुआ है। भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान विभिन्न भवनों के अंदर 41 अतिप्राचीन मंदिर पाए गए हैं। जिनका उल्लेख वेद-पुराण व धार्मिक पुस्तकों में भी पाया गया है। प्राप्त सभी मंदिर काशी के प्राचीन धरोहर है।

उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत सभी भवनों/दुकानों इत्यादि को सहमति के आधार पर क्रय किया गया है, जिसमें निवसित 500 परिवारों को आपसी सहमति से विस्थापित किया गया है। इन भवनों को खरीदने एवं खाली कराने के बाद प्राप्त सभी मंदिर प्राचीन धरोहर हैं, जो इन भवनों से ढके हुए थे। उन्हें भवनों को ध्वस्त कर मलवा निस्तारण के उपरांत जनसामान्य को दर्शन पूजन हेतु सुलभ कराया गया है। इन मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं सुंदरीकरण का भी कार्य कराया जा रहा है। इन मंदिरों को इस परियोजना का भाग बनाकर इस क्षेत्र को एक अद्भुत संकुल का रूप दिया जाएगा।

इस परियोजना में मंदिर प्रांगण का विस्तार कर इसमें विशाल द्वार बनाए जाएंगे तथा एक मंदिर चौक का निर्माण किया जाएगा। जिसके दोनों तरफ़ विभिन्न भवन जैसे कि विश्रामालय, संग्रहालय, वैदिक केंद्र, वाचनालय, दर्शनार्थी सुविधा केंद्र, व्यावसायिक केंद्र, पुलिस एवं प्रशासनिक भवन, वृद्ध एवं दिव्यांग हेतु एक्सीलेटर एवं मोक्ष भवन इत्यादि निर्मित किए जाएंगे। परियोजना अंतर्गत 330.00 मीटर लम्बाई एवं 50.00 मीटर चौड़ाई एवं घाट से एलिवेशन 30 मीटर क्षेत्र में निर्माण कराया जाएगा।

विज्ञापन
Loading...
www.livevns.in का उद्देश्‍य अपनी खबरों के माध्‍यम से वाराणसी की जनता को सूचना देना, शि‍क्षि‍त करना, मनोरंजन करना और देश व समाज हित के प्रति जागरूक करना है। हम (www.livevns.in) ना तो कि‍सी राजनीति‍क शरण में कार्य करते हैं और ना ही हमारे कंटेंट के लिए कि‍सी व्‍यापारि‍क/राजनीतिक संगठन से कि‍सी भी प्रकार का फंड हमें मि‍लता है। वाराणसी जिले के कुछ युवा पत्रकारों द्वारा शुरू कि‍ये गये इस प्रोजेक्‍ट को भवि‍ष्‍य में और भी परि‍ष्‍कृत रूप देना हमारे लक्ष्‍यों में से एक है।