नारस। विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का शिलान्यास करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर साल 2014 की तरह ‘लोक कल्याण हेतवे’ का संकल्प लेकर बाबा विश्वनाथ की पूजा की। इस बात का खुलासा किया है मंदिर के न्यासाधीश और प्रधानमंत्री की पूजा विधि विधान से संपन्न करवाने वाले आचार्य अशोक द्विवेदी का।

उन्होंने कहा कि हमारी कामना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने जिस तरह से आज इस कॉरिडोर का शिलान्यास किया उसी तरह वो प्रधानमंत्री के रूप में आकर इसका उद्घाटन भी करें।

विज्ञापन

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद् के अध्यक्ष आचार्य अशोक दिवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सुगन्धित चन्दन, गुलाब के फूल, बेलपत्रों सहित प्रमुख पूजा सामग्रियों के साथ बाबा विश्वनाथ की पूजा की और विश्व और लोक कल्याण के लिए भगवान् शिव से प्रार्थना की।

उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री साल 2014 में चुनाव जीत कर बाबा के दरबार में आए थे उसे समय भी मैंने ही उन्हें ‘लोक कल्याण हेतवे’ के संकल्प के साथ पूजा करवाई थी और आज भी इसी संकल्प के साथ उन्होंने बाबा के दरबार में पूजा की है। उन्होंने कहा कि इतना विराट ह्रदय है उनका कि अब वो महामना हो गए हैं।

उन्होंने बताया की 400 साल पहले औरंग़ज़ेब के ज़माने में नारायण भट्ट ने और उसके बाद इंदौर की महारानी अहिल्या बाई होल्कर ने 250 वर्ष पहले 1780 में 200 बाई 200 फुट का जीर्णोद्वार करवाया था। यहां जब राष्ट्रपिता आये तो उन्होंने यहां व्याप्त गंदगी का ज़िक्र किया था।

उसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी ने इस कॉरिडोर का शिलान्यास कर नया काम किया है और बाबा विश्वनाथ जिसे बुलाना चाहते हैं उसे बारम्बार बुलाते थे। प्रधानमंत्री ने इसे धाम कर दिया। इसे हेरिटेज कर दिया। यहां से विश्वनाथ का सन्देश प्रधानमंत्री ने पूरे विश्व को दिया है।

वहीं उन्होंने कहा कि वो दुबारा प्रधानमंत्री अवश्य बनेंगे और ये आशीर्वाद नहीं हैं मेरे, ये उनके कर्म बोल रहे हैं।

देखें वीडियो, क्‍या कहा काशी विश्‍वनाथ मंदिर के न्‍यासाध्‍यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी

विज्ञापन
Loading...