नारस। गुरूवार की शाम शहर के पांडेयपुर इलाके से टकटकपुर निवासी जितेंद्र सिंह नामक प्रापर्टी डीलिंग का कार्य करने वाले व्यक्ति की कार से उच्चकों ने उनका लैपटॉप का बैग पार कर दिया था। इस लैपटॉप बैग में उनके 25 हज़ार रूपये,ज़मीन के कागज़ात, शास्त्र लाइसेंस और लैपटॉप और आईपॉड मौजूद था। इस सम्बन्ध में कैंट पुलिस मुकदमा दर्ज कार्रवाई कर रही है।

वहीं वाराणसी ट्रैफिक पुलिस के जाबाज़ और ईमानदार सिपाही ने एक बार फिर यूपी पुलिस का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। जितेंद्र का बैग लावारिस अवस्था में ट्रेफिक कांस्टेबल को अंधरापुल के पास मिला था जिसे उसने ईमानदारी का परिचय दिखाते हुए बैग से मिले कागज़ात के आधार पर जितेन्द्र को वापस कर दिया।

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इस बात की पूरे पुलिस डिपार्टमेंट में चर्चा है और सभी ट्रैफिक कांस्टेबल प्रकाश रंजन की तारीफ़ करते नहीं थक रहे हैं।

ट्रैफिक लाइन में तैनात सिपाही प्रकाश रंजन की ड्यूटी गुरूवार को अंधरापुल पर थी। इसी दौरान उन्हें एक लावारिस बैग मिला, जिसमे लैपटॉप, शास्त्र लाइसेंस, आईपॉड और कुछ ज़मीन के कागज़ात मिले थे । सिपाही प्रकाश रंजन ने बताया कि शास्त्र लाइसेंस से टकटकपुर निवासी जितेंद्र सिंह को ट्रैफिक पुलिस लाइन बुलाया गया और उन्हें उनका बैग वापस कर दिया गया है।

सिपाही प्रकाश रंजन की ईमानदारी से जितेंद्र सिंह काफी प्रभावित हुए और उन्हें नगद राशि देने की गुज़ारिश की पर उन्होंने उसे ठुकरा दिया। जितेंद्र के अनुसार बैग मे सभी सामान हैं बस 25 हज़ार रूपये गायब है जो उच्चकों ने लेने के बाद बैग को फेक दिया होगा।

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