Woman looking at snoring husband on the bed

नारस। दन्त चिकित्सा संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के आर्थोडान्टिक सेमिनार हाल में स्नोरिंग (सोते समय खर्राटे लेना) विषय पर सेमिनार का आयोजन हुआ। सेमिनार के लिए मुख्य अतिथि अहमदाबाद, गुजरात से आए आर्थोडान्टिक्स डॉ जयंत देहादराय रहे, जिन्होंने स्नोरिंग जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विस्तृत चर्चा की।

इस अवसर पर पूर्व संकाय प्रमुख एवं उप्र स्टेट आईडीए के निर्वाचित अध्यक्ष प्रो टीपी चतुर्वेदी ने डॉ जयंत का स्वागत एवं परिचय दिया।

डॉ जयंत ने बताया कि स्नोरिंग (जिसे आम भाषा में खर्राटे लेना कहा जाता है। इसको अच्छा या गहरी नींद में होना ना समझे यह बहुत खतरनाक हो सकता है।

BHU NEWS

अगर स्नोरिंग का इलाज जल्द न कराया जाए तो यह जीवन के लिए घातक सिद्ध हो सकता है जिससे नींद में सो रहे व्यक्ति की आक्समात मृत्यु भी हो सकती है और यह प्रायः व्यक्ति द्वारा सांस ना ले पाने के कारण होता है।

उन्होंने बताया कि जितनी जल्दी हो सके डाक्टर से सलाह लेनी चाहिए, इसका इलाज संभव है। डॉ जयंत ने स्नोरिंग के इलाज में दन्त चिकित्सकों की अहम भूमिका का वर्णन किया और बताया कि दन्त चिकित्सक इसका इलाज बिना आपरेशन के कर सकते हैं।

Bhu news

अन्त में प्रो टीपी चतुर्वेदी ने डॉ जयंत को धन्यवाद व्यक्त किया एवं मोमेन्टो भेंट किया।

इस अवसर पर दन्त चिकित्सा संकाय के चिकित्सक प्रोअतुल, डॉ अजीत, डॉ रोमेश, डॉ पवन, डॉ अंकित, डॉ कनूप्रिया, डॉ राहुल, डॉ आशीष, डॉ विपुल, डॉ फरहान, डॉ नीतीश एवं अन्य चिकित्सक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Bhu news